Bihar Elections 2025: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सियासी गर्माहट बढ़ती जा रही है। इस बीच जन सुराज पार्टी के संस्थापक और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने आरजेडी के युवा नेता तेजस्वी यादव को सीधे तौर पर निशाने पर लिया है। शनिवार, 11 अक्टूबर को पटना में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने दावा किया कि तेजस्वी यादव अपनी परंपरागत राघोपुर विधानसभा सीट हार जाएंगे। उन्होंने इसका उदाहरण देते हुए कहा कि यह हार राहुल गांधी की 2019 के लोकसभा चुनाव में यूपी के अमेठी से हुई हार जैसी ही अपमानजनक होगी।

प्रशांत किशोर का राघोपुर में प्रचार अभियान शुरू
प्रशांत किशोर ने राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत की। हालांकि, उन्होंने खुद चुनाव लड़ने की संभावना पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने मीडिया को बताया कि वे राघोपुर के लोगों से उनके क्षेत्र की समस्याओं और जनादेश के बारे में फीडबैक लेने जाएंगे। प्रशांत किशोर ने कहा, “राघोपुर की जनता अभी भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है, जबकि यह सीट लालू प्रसाद और राबड़ी देवी जैसे बड़े नेताओं के परिवार का वर्चस्व रही है। तेजस्वी यादव दूसरी बार विधायक बने हैं, लेकिन क्षेत्र में विकास की कमी स्पष्ट है।”

राघोपुर की जनता से फीडबैक लेकर करेंगे निर्णय
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि जन सुराज पार्टी का चुनाव प्रचार तब शुरू होगा जब सभी उम्मीदवारों के नामों की घोषणा हो जाएगी। उन्होंने कहा, “मैं राघोपुर में अपने साथियों से मिलकर जनता से पूछूंगा कि अगर उन्हें गरीबी, पिछड़ेपन और बदहाली से मुक्ति चाहिए तो वे किसे चुनेंगे। मैं जनता से जानना चाहता हूं कि कौन ऐसा उम्मीदवार है जो तेजस्वी यादव को चुनौती दे सकता है और उनके नहीं किए गए कामों के खिलाफ खड़ा हो सकता है।”
इस फीडबैक को लेकर पार्टी अगले दिन यानी 12 अक्टूबर को अपने नेतृत्व के सामने प्रस्ताव रखेगी और आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा। यह राजनीतिक पारा इस बात को दर्शाता है कि राघोपुर सीट पर मुकाबला और भी तीव्र होने वाला है।
बिहार में चुनावी माहौल गर्म
बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरणों में 6 नवंबर और 11 नवंबर को होंगे। इस बार की चुनावी लड़ाई में तेजस्वी यादव की स्थिति पर राजनीतिक पर्यवेक्षक नजर बनाए हुए हैं। प्रशांत किशोर की यह टिप्पणी और राघोपुर से प्रचार अभियान पार्टी के राजनीतिक समीकरणों को बदलने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। उनकी रणनीति बिहार में पारंपरिक परिवारवाद और क्षेत्रीय वर्चस्व को चुनौती देने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
जन सुराज पार्टी का मकसद
जन सुराज पार्टी बिहार में नए राजनीतिक विकल्प के तौर पर उभर रही है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक राजनीतिक धारणाओं को तोड़कर विकास और जनता की आवाज को मजबूत बनाना है। प्रशांत किशोर का राघोपुर क्षेत्र में कदम इस कोशिश को और बल दे रहा है कि जनता के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत हो।










