Bihar election security : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की सियासी सरगर्मियों के बीच नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। गृह विभाग ने प्रदेश के 6 प्रमुख नेताओं की सुरक्षा श्रेणी बढ़ा दी है। इसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को Z श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई है।

इसके अलावा पूर्णिया सांसद पप्पू यादव, अररिया सांसद प्रदीप कुमार, बाढ़ विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू को Y+ सुरक्षा, जबकि जदयू विधान पार्षद नीरज कुमार सिंह को Y श्रेणी की सुरक्षा दी गई है।

हाई अलर्ट पर चुनावी बिहार
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब राज्य में चुनावी गतिविधियां तेज़ हो रही हैं और कई नेताओं को हाल के दिनों में धमकियों और संदिग्ध गतिविधियों का सामना करना पड़ा है। तेजस्वी यादव के काफिले में हाल ही में एक अज्ञात वाहन के घुसने की घटना सामने आई थी, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी थी। वहीं, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को भी जान से मारने की धमकी मिलने की खबरें थीं।
क्या है Z श्रेणी की सुरक्षा?
Z श्रेणी सुरक्षा में कुल 22 सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाते हैं। इसमें 4 से 6 कमांडो केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) से होते हैं और शेष जवान ITBP या CRPF से होते हैं। यह सुरक्षा घेरा 24 घंटे नेताजी के साथ रहता है – घर से लेकर दौरे तक, हर समय। अब तेजस्वी यादव और सम्राट चौधरी को यह सुविधा दी गई है, जिससे स्पष्ट संकेत मिलते हैं कि राज्य सरकार चुनावी सीजन में किसी तरह की चूक नहीं चाहती।
Y+ और Y श्रेणी: किसे क्या मिला?
Y+ सुरक्षा पाने वाले नेताओं को 12 जवानों का सुरक्षा घेरा दिया जाता है, जिनमें 2 से 4 कमांडो, 3 पीएसओ और अन्य सुरक्षाकर्मी होते हैं। यह श्रेणी पप्पू यादव, प्रदीप कुमार और ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू को दी गई है। वहीं, जदयू एमएलसी नीरज कुमार सिंह को Y श्रेणी सुरक्षा दी गई है, जिसमें 8 जवानों का प्रोटेक्शन होता है।
लंबे समय से मांग कर रहे थे पप्पू यादव
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव लगातार अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कई बार कहा कि उन्हें गंभीर खतरा है, और चुनाव नजदीक आते ही खतरा और बढ़ सकता है। सरकार ने उनकी मांग को अब गंभीरता से लेते हुए उन्हें Y+ सुरक्षा दी है।
बिहार में जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहे हैं, प्रशासन सुरक्षा को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क नजर आ रहा है। तेजस्वी यादव और सम्राट चौधरी जैसे बड़े नेताओं को Z श्रेणी की सुरक्षा देना इस बात का संकेत है कि राजनीतिक टकराव के साथ-साथ सुरक्षा जोखिम भी वास्तविक हैं। आने वाले दिनों में और नेताओं की सुरक्षा समीक्षा हो सकती है।
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