CWC Meeting: पटना में 85 साल बाद हुई कांग्रेस की ऐतिहासिक कांग्रेस कार्यसमिति समिति (CWC) बैठक ने देश की सियासत में हलचल मचा दी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ पर तीखे निशाने साधे। उन्होंने ना केवल केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना की बल्कि बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आगामी राजनीतिक समीकरणों पर भी अपनी चिंता जाहिर की। मोदी सरकार पर निशाना खरगे ने कहा कि आज देश कई गंभीर समस्याओं से गुजर रहा है, जो सीधे तौर पर नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की कूटनीतिक विफलताओं का नतीजा हैं। उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी जी उन्हें ‘मेरे दोस्त’ बताते हैं, लेकिन वही दोस्त आज भारत के हितों को नुकसान पहुँचा रहे हैं। खरगे ने चीन के प्रति मोदी सरकार की नरमी पर भी सवाल उठाए और कहा कि पिछले पांच वर्षों में भारत का चीन से आयात दोगुना हो गया है, जबकि महात्मा गांधी का स्वदेशी मंत्र ‘मोदी जी को याद रहता है, पर असल काम कुछ और है’। वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप खरगे ने कहा कि आज वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ हो रही है, जो लोकतंत्र की जड़ें कमजोर कर रहा है। उन्होंने कहा, “मतदाता सूची में संशोधन और वोट चोरी की साजिश का सबसे अधिक असर दलित, आदिवासी, पिछड़ा, अति-पिछड़ा, अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग पर पड़ रहा है।” उन्होंने बिहार की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की सराहना करते हुए कहा कि इस जागरूकता ने लोगों को राहुल गांधी के समर्थन में खड़ा किया। साथ ही चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग जांच के बजाय जनता से एफिडेविट मांग रहा है। आर्थिक मंदी, बेरोजगारी और सामाजिक ध्रुवीकरण पर गंभीर चिंता खरगे ने देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति की भी निंदा की। उनका कहना था कि नोटबंदी और गलत तरीके से लागू GST ने देश की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतार दिया है। 8 सालों के शासन के बाद प्रधानमंत्री को अपनी गलतियों का एहसास हुआ है, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका है। उन्होंने केंद्र सरकार के 2 करोड़ नौकरियों के वादे को भी अधूरा बताया और कहा कि युवा बेरोजगारी की वजह से भटक रहे हैं। खरगे ने कहा, “आज देश सामाजिक ध्रुवीकरण की ओर बढ़ रहा है, जो संविधान और स्वायत्त संस्थाओं के लिए खतरा है।” बिहार में ‘डबल इंजन सरकार’ का खोखला वादा खरगे ने बिहार सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था पिछड़ रही है। “नीतीश कुमार को भाजपा ने मानसिक रूप से सेवानिवृत्त कर दिया है और अब वे गठबंधन में बोझ बन गए हैं।” उन्होंने कहा कि बिहार में हर साल लाखों युवा पलायन कर रहे हैं, और जो युवा फर्जी भर्ती के खिलाफ आंदोलन करते हैं, उन्हें पुलिस लाठियां मारती है। खरगे ने भाजपा और नीतीश सरकार पर आरोप लगाया कि वे बिहार के युवाओं और किसानों के लिए किए गए वादों को पूरा करने में नाकाम रहे हैं। 2020 के तीन काले कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन में 750 से अधिक किसानों की मौत हो चुकी है। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला खरगे ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि योगी खुद को प्रधानमंत्री का उत्तराधिकारी समझते हैं, जबकि उन्होंने पहले आरक्षण के खिलाफ लिखे लेखों में अपनी असंवेदनशीलता दिखाई है। खरगे ने सवाल किया कि “क्या यह उचित है कि जब हम जाति जनगणना की बात करते हैं, वहीं यूपी के सीएम जाति आधारित रैलियों पर प्रतिबंध लगाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को जेल भेज रहे हैं?” उन्होंने प्रधानमंत्री से यह भी पूछा कि क्या वे इस अन्याय के खिलाफ जवाब देंगे। कांग्रेस की बिहार चुनाव रणनीति: लोकतंत्र बचाने की जंग खरगे ने कहा कि बिहार चुनाव से शुरू होगी मोदी शासन की उल्टी गिनती। उन्होंने बिहार में कांग्रेस की Extended CWC बैठक को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एक बड़ी लड़ाई बताया। उनका कहना था कि बिहार में निष्पक्ष चुनाव और वोटर अधिकारों की रक्षा करना सबसे बड़ा मिशन है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की इस बैठक में की गई टिप्पणियां बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तापमान को बढ़ाने वाली हैं। मोदी सरकार की नीतियों, भाजपा और उसके सहयोगी दलों पर तीखे आरोपों के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार की जनता इस चुनाव में किस पक्ष को मजबूर करेगी। Read More : Vaibhav Suryavanshi sixes record: वैभव सूर्यवंशी ने ऑस्ट्रेलिया में मचाया धमाल, यूथ वनडे में बनाया छक्कों का नया रिकॉर्ड














