Naveen Patnaik News: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन के मार्च में ओडिशा की बीजू जनता दल यानी BJD की भागीदारी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली पार्टी अब तक इंडिया गठबंधन की गतिविधियों से दूरी बनाए हुए थी। ऐसे में BJD सांसदों का इस प्रदर्शन में शामिल होना विपक्षी राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
इंडिया गठबंधन के मार्च में BJD सांसद हुए शामिल
विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग तक मार्च निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। मार्च को निर्वाचन सदन के पास आकाशवाणी भवन के सामने रोक दिया गया। इसी दौरान BJD के सांसद भी प्रदर्शन में शामिल नजर आए। इससे मार्च को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं।
AAP और DMK ने मार्च से बनाई दूरी
इंडिया गठबंधन से जुड़े रहे आम आदमी पार्टी और डीएमके इस मार्च में शामिल नहीं हुए। आम आदमी पार्टी दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी है, जबकि डीएमके का नेतृत्व तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन करते हैं। दोनों दलों ने स्पष्ट किया है कि वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हैं, लेकिन अपने-अपने तरीके से विरोध और आंदोलन कर रहे हैं।
कांग्रेस से AAP की दूरी की वजह क्या है
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक मतभेद काफी बढ़ गए थे। दोनों दलों ने दिल्ली चुनाव में अलग-अलग राजनीतिक रणनीति अपनाई थी। चुनावी प्रतिस्पर्धा के बाद दोनों पार्टियों के बीच दूरी लगातार चर्चा में रही है। यही वजह है कि AAP ने इंडिया गठबंधन के इस संयुक्त मार्च से खुद को अलग रखा।
DMK और कांग्रेस के रिश्तों में भी बढ़ी दूरी
तमिलनाडु की राजनीति में डीएमके और कांग्रेस के बीच भी हाल के समय में मतभेद सामने आए हैं। दोनों पार्टियों ने राज्य विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ा था, लेकिन चुनाव के बाद कांग्रेस ने डीएमके से दूरी बनाते हुए मुख्यमंत्री विजय को समर्थन देने का ऐलान किया। इसके बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक संबंधों में खटास की चर्चा तेज हुई।
पहले भी इंडिया गठबंधन की बैठक से दूर रहे AAP-DMK-BJD
30 अगस्त को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रणनीति तैयार करने के लिए इंडिया गठबंधन की एक बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में आम आदमी पार्टी और डीएमके शामिल नहीं हुई थीं। उस समय BJD ने भी बैठक से दूरी बनाए रखी थी। हालांकि अब चुनाव आयोग के खिलाफ हुए मार्च में BJD सांसदों की भागीदारी ने राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
जयराम रमेश ने विपक्षी एकजुटता पर दिया बयान
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मार्च को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग तक निकाले गए विरोध मार्च में इंडिया गठबंधन के सांसद शामिल हुए थे। उनके मुताबिक, मार्च को निर्वाचन सदन के पास आकाशवाणी भवन के सामने रोक दिया गया। उन्होंने विशेष रूप से BJD सांसदों की भागीदारी का उल्लेख किया।
‘अन्य विपक्षी दल भी नैतिक रूप से साथ’
जयराम रमेश ने दावा किया कि कई अन्य विपक्षी दल भी नैतिक रूप से इस मार्च के साथ थे। उन्होंने उन दलों का भी जिक्र किया जो फिलहाल किसी समय के लिए NDA का हिस्सा हैं। उनके मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की एकजुटता आगे भी बनी रहेगी।
वोट चोरी और परिसीमन पर कांग्रेस का हमला
जयराम रमेश ने अपने बयान में ‘वोट चोरी’ और परिसीमन जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जोड़ी के कथित मंसूबों को नाकाम करने के लिए विपक्ष एकजुट रहेगा। कांग्रेस नेता ने अपने बयान में भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला भी किया और कहा कि पार्टी की विदाई की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।
BJD की भागीदारी से बढ़ी राजनीतिक हलचल
BJD का इंडिया गठबंधन के मार्च में शामिल होना विपक्षी राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर, AAP और DMK की गैरमौजूदगी बताती है कि चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध के बावजूद विपक्षी दलों की रणनीति एक जैसी नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में इन दलों के अलग-अलग रुख पर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।
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