Bihar politics 2025 : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि राज्य सरकार अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने अपने एक्स (X) अकाउंट पर लिखा कि 2020 में “सात निश्चय-2” के तहत 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे पूरा कर लिया गया है। अब सरकार ने इसे दोगुना करने का संकल्प लिया है।

उद्योग और स्वरोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योग और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार नई पहल कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योग लगाने वालों और स्वरोजगार करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए कई प्रकार की सुविधाएं दी जाएंगी, जिससे युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके।


निजी क्षेत्रों को मिलेगा विशेष आर्थिक पैकेज
नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया कि निजी क्षेत्रों को राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए विशेष आर्थिक पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि निजी निवेश बढ़ने से न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर बनेंगे बल्कि बिहार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
दोगुनी होगी प्रोत्साहन राशि
सरकार ने घोषणा की है कि उद्यमियों को मिलने वाली कैपिटल सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी और जीएसटी प्रोत्साहन राशि को दोगुना किया जाएगा। इसके साथ ही ज्यादा रोजगार देने वाले उद्योगों को मुफ्त में जमीन भी उपलब्ध कराई जाएगी। सभी जिलों में उद्योग लगाने के लिए जमीन की व्यवस्था की जाएगी।
भूमि विवादों का होगा समाधान
राज्य सरकार ने यह भी तय किया है कि उद्योग लगाने हेतु आवंटित भूमि से जुड़े विवादों को प्राथमिकता के साथ समाप्त किया जाएगा। ताकि उद्यमियों को बिना किसी कानूनी अड़चन के उद्योग स्थापित करने की सुविधा मिल सके।

6 महीने में लागू होंगी नई सुविधाएं
सीएम ने बताया कि उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को यह सभी सुविधाएं आगामी छह महीनों में उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का दावा है कि इन कदमों से बिहार में औद्योगिक माहौल बेहतर होगा और युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।
अधिसूचना जल्द जारी होगी
नीतीश कुमार ने कहा कि इन फैसलों के साथ-साथ कई और प्रावधान भी किए गए हैं जो उद्यमियों के लिए मददगार साबित होंगे। इस संबंध में विस्तृत अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी। नीतीश कुमार की यह घोषणा बिहार के युवाओं के लिए बड़ी राहत और उम्मीद लेकर आई है। राज्य सरकार जहां अपने पुराने वादे को पूरा करने का दावा कर रही है, वहीं अब एक करोड़ रोजगार का नया लक्ष्य सामने रखकर उसने आने वाले वर्षों की राजनीतिक और आर्थिक दिशा तय कर दी है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये वादे धरातल पर भी पूरी तरह उतर पाते हैं।
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