Bihar Election 2025: बिहार में विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी पारा चरम पर है। सीट बंटवारे के बाद भी राजनीतिक दलों के बीच तनातनी थमने का नाम नहीं ले रही है। ताज़ा घटनाक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास (LJP-R) को मिली तीन सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारकर नया ‘सियासी खेला’ शुरू कर दिया है।

चिराग की तीन सीटों पर जेडीयू का कब्ज़ा
जिन तीन सीटों पर जेडीयू ने चिराग पासवान के खिलाफ उम्मीदवार खड़े किए हैं, वे हैं – गायघाट, राजगीर और सोनबरसा। सबसे चौंकाने वाला फैसला गायघाट को लेकर आया है, जहां चिराग पासवान की पार्टी की दावेदारी के बावजूद जेडीयू ने न केवल सीट ली, बल्कि चिराग की पसंदीदा उम्मीदवार को ही अपने पाले में कर लिया। जेडीयू ने लोजपा सांसद वीणा देवी की बेटी कोमल सिंह को पार्टी का सिंबल देकर मैदान में उतारा है।

राजगीर सीट पर भी चिराग की पार्टी का दावा था, लेकिन यहां से कौशल किशोर को जेडीयू का टिकट दिया गया है। वहीं सोनबरसा सीट से रत्नेश सदा को पहले ही जेडीयू का सिंबल मिल चुका है।
बीजेपी-जेडीयू के बीच सीट अदला-बदली
जेडीयू और बीजेपी के बीच सीटों को लेकर भी उठापटक जारी है। जानकारी के अनुसार, बीजेपी ने तारापुर सीट पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को उम्मीदवार बनाकर जेडीयू की नाराजगी मोल ले ली थी। इसके बदले में बीजेपी ने अपनी बरौली सीट जेडीयू को सौंप दी, जहां से अब मंजीत सिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। यह सीट 2020 में बीजेपी के पास थी।
जेडीयू ने इन सीटों पर बांटे टिकट
अब तक जेडीयू ने निम्नलिखित सीटों पर अपने प्रत्याशियों को सिंबल दे दिया है:
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सूर्यगढ़ा – रामानंद मंडल
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जमालपुर – नचिकेता मंडल
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मटिहानी – राजकुमार सिंह
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राजगीर – कौशल किशोर
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हसनपुर – राजकुमार राय
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बरौली – मंजीत सिंह
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बेलदौर – पन्ना सिंह पटेल
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मसौढ़ी – अरुण मांझी
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फुलवारीशरीफ – श्याम रजक
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गायघाट – कोमल सिंह
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कुचायकोट – अमरेंद्र पांडे
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मांझी – रणधीर सिंह
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हथुआ – रामसेवक सिंह
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आलमनगर – नरेंद्र नारायण
आगे क्या?
अब तक बीजेपी ने 71 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं और उसे 30 और सीटों पर नाम तय करने हैं। वहीं जेडीयू को 101 सीटें मिली हैं, जिनमें से कई पर उम्मीदवार उतारे जा चुके हैं। चिराग पासवान की एलजेपी-आर को 29 सीटें मिली हैं, लेकिन अब तीन सीटों पर जेडीयू के कदम से गठबंधन में दरार की अटकलें तेज़ हो गई हैं।बिहार की सियासत में टिकट बंटवारे के साथ ही घमासान शुरू हो गया है। नीतीश कुमार के ‘सियासी मास्टरस्ट्रोक’ ने एलजेपी-आर को मुश्किल में डाल दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि चिराग पासवान इस खेला का जवाब कैसे देते हैं।











