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Chhattisgarh heatwave: छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर, जानें कब बरसेंगे बादल और कब गिरेगा पारा, मौसम विभाग का नया अपडेट!

Chhattisgarh heatwave: छत्तीसगढ़ में इस साल मार्च का महीना उम्मीद से कहीं ज्यादा गर्म साबित हो रहा है। सूरज के तीखे तेवरों ने प्रदेशवासियों को समय से पहले ही चिलचिलाती गर्मी का अहसास करा दिया है। बिलासपुर समेत राज्य के कई हिस्सों में तापमान सामान्य के मुकाबले काफी ऊपर चला गया है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आने लगा है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है। हालांकि, आने वाले दिनों में मौसम के मिजाज में कुछ बदलाव की उम्मीद भी जताई गई है।

तापमान में उतार-चढ़ाव और आगामी दिनों का पूर्वानुमान

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, अगले तीन दिनों तक राज्य के तापमान में किसी बड़े फेरबदल की गुंजाइश नहीं है। यानी फिलहाल गर्मी का यह सिलसिला बरकरार रहेगा। लेकिन राहत की खबर यह है कि इन तीन दिनों के बीतने के बाद अगले चार दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आ सकती है। यह गिरावट प्रदेश के उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भीषण गर्मी से कुछ सुकून देगी। बादलों की आवाजाही और हवाओं की दिशा बदलने से पारे के नीचे आने की संभावना है।

बस्तर संभाग के लिए ‘येलो अलर्ट’ और बारिश की चेतावनी

जहाँ एक ओर मैदानी इलाके गर्मी से झुलस रहे हैं, वहीं बस्तर संभाग के लिए मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। 13 मार्च को बस्तर और आसपास के जिलों में मौसम करवट ले सकता है। अनुमान है कि यहाँ तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। विभाग ने इस दौरान वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी भी दी है, इसलिए लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। यह प्री-मानसून जैसी स्थिति गर्मी के असर को कम करने में सहायक होगी।

राजनंदगांव रहा सबसे गर्म, अंबिकापुर में रही ठंडक

बीते 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजनंदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहाँ पारा 39.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं ने यहाँ जनजीवन को खासा प्रभावित किया है। इसके ठीक विपरीत, सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। राज्य के कुछ छिटपुट स्थानों पर बहुत हल्की बूंदाबांदी भी रिकॉर्ड की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर मौसम में थोड़ी नमी महसूस की गई।

क्यों बढ़ रही है समय से पहले गर्मी?

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि हवाओं के रुख में बदलाव और आसमान साफ रहने की वजह से सूरज की किरणें सीधे धरती पर पहुँच रही हैं। सामान्य से 4 डिग्री ज्यादा तापमान होना चिंता का विषय है, क्योंकि इससे जल स्रोतों के सूखने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। वर्तमान में दिन के समय चलने वाली गर्म हवाएं लू (Heat Wave) जैसी स्थिति पैदा कर रही हैं, जिससे बचने के लिए डॉक्टरों ने अधिक पानी पीने और दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह दी है।

कृषि और जनजीवन पर बढ़ते तापमान का प्रभाव

मार्च में बढ़ती गर्मी का सीधा असर रबी की फसलों पर भी पड़ सकता है। यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो फसलों की कटाई के समय में बदलाव करना पड़ सकता है। बिलासपुर और आसपास के जिलों में बढ़ती गर्मी को देखते हुए अब लोगों को अगले हफ्ते होने वाली तापमान की गिरावट का बेसब्री से इंतजार है। फिलहाल, छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में धूप और लू का सितम जारी रहेगा, जबकि दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश की उम्मीदें बनी हुई हैं।

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