Bilaspur Crime: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में प्राइवेट वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग और धमकी देने का मामला सामने आया है। मस्तूरी थाना क्षेत्र में एक कारोबारी के यहां काम करने वाले कुछ युवकों पर आरोप है कि उन्होंने निजी पलों का वीडियो बनाकर कारोबारी के परिवार को ब्लैकमेल किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के सामने आने के बाद इलाके में भी इसकी चर्चा है।

हिसाब-किताब में गड़बड़ी के बाद नौकरी से निकाले गए
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित कारोबारी ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करता है। उसने अपने काम में मदद के लिए दो युवकों को नौकरी पर रखा था। कुछ समय बाद कारोबारी को हिसाब-किताब में गड़बड़ी का पता चला। जांच में कथित हेरफेर सामने आने के बाद दोनों युवकों को नौकरी से हटा दिया गया। नौकरी जाने से नाराज आरोपियों ने कारोबारी के परिवार को परेशान करना शुरू कर दिया।

नौकरी से निकाले जाने के बाद शुरू हुई ब्लैकमेलिंग
आरोप है कि नौकरी से निकाले जाने के बाद दोनों युवकों के पास कारोबारी के परिवार से जुड़ी कुछ निजी जानकारी और वीडियो थे। उन्होंने इन्हीं वीडियो को आधार बनाकर कारोबारी के भाई को धमकाना शुरू किया। आरोपियों ने कथित तौर पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाया और परिवार से संबंधित निजी सामग्री का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए किया।
घर पहुंचकर दी धमकी और जातिगत गाली-गलौज
पुलिस की जांच के अनुसार, आरोपी कारोबारी के भाई के घर तक पहुंच गए थे। वहां उन्होंने कथित तौर पर जातिगत गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपियों ने कारोबारी के भाई को निजी वीडियो दिखाए। इस घटना से परिवार के लोग काफी परेशान हो गए और उन्होंने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी।
देवर-भाभी के निजी पलों का बनाया था वीडियो
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कारोबारी के परिवार से जुड़े एक महिला और उसके देवर के निजी पलों का वीडियो कथित तौर पर चुपके से बनाया गया था। आरोप है कि युवकों ने काम के दौरान दोनों की गतिविधियों पर नजर रखी और बाद में मोबाइल के जरिए उनके निजी वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। इन्हीं वीडियो को बाद में ब्लैकमेलिंग का माध्यम बनाया गया।

निजी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर यह भी आरोप है कि उन्होंने निजी वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। वीडियो के वायरल होने के बाद संबंधित महिला को सामाजिक अपमान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। परिवार की ओर से पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत के आधार पर जांच शुरू की।
शिकायत के बाद तीन आरोपियों की गिरफ्तारी
पीड़ित परिवार की शिकायत मिलने के बाद मस्तूरी थाना पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की और इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस कर रही मामले की आगे जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि निजी वीडियो किस तरह बनाए गए, उन्हें किन लोगों तक भेजा गया और सोशल मीडिया पर किस माध्यम से प्रसारित किया गया। साथ ही पुलिस यह भी जांच रही है कि ब्लैकमेलिंग के पीछे आरोपियों का वास्तविक उद्देश्य क्या था। फिलहाल तीनों आरोपी जेल में हैं और मामले की जांच जारी है।
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