Bilaspur SBI Scam 2026
Bilaspur SBI Scam 2026: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बिल्हा स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा में करोड़ों रुपए के गबन का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बैंक के रिकॉर्ड और खातों के साथ छेड़छाड़ कर 2 करोड़ 6 लाख 37 हजार रुपए की भारी-भरकम राशि की हेराफेरी करने वाली मुख्य आरोपी कैशियर को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रही इस महिला कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद बैंकिंग जगत और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी इस कार्रवाई ने बैंक के भीतर चल रहे सिंडिकेट के पर्दाफाश की उम्मीदें जगा दी हैं।
इस बड़े घोटाले की जड़ें पिछले साल 2025 में गहरी हुई थीं। बिल्हा स्थित एसबीआई शाखा में नियमित ऑडिट और खातों की गहन जांच के दौरान बैंक की जमा राशि में बड़ा अंतर पाया गया। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि तत्कालीन कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा ने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर बैंक के आधिकारिक रिकॉर्ड और ग्राहकों के खातों में अवैध रूप से छेड़छाड़ की थी। सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई इस धोखाधड़ी के जरिए कुल 2,06,37,000 रुपए का गबन किया गया, जिसकी भनक शुरुआती दौर में किसी को नहीं लगी।
जब बैंक की जमा राशि में विसंगति पाई गई, तो शाखा प्रबंधक पीयूष बारा ने विभागीय जांच के आदेश दिए। आर्थिक अनियमितता की पुष्टि होते ही मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई, जिसके बाद मुख्य आरोपी कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें रिजनल बिजनेस ऑफिस (RBO) जगदलपुर में अटैच किया गया था। हालांकि, जून 2025 में निलंबन के बाद से ही कैशियर गायब हो गई। उसने न तो जगदलपुर कार्यालय में जॉइन किया और न ही बिल्हा शाखा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे उन पर संदेह और गहरा गया।
शाखा प्रबंधक की शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने इस मामले को अपने हाथ में लिया। 19 जनवरी 2026 को एसीबी बिलासपुर ने तत्कालीन कैशियर और अन्य दोषियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act) की धारा 13(1)A और 13(2) सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं (धोखाधड़ी, रिकॉर्ड से छेड़छाड़ और आपराधिक साजिश) के तहत प्राथमिकी दर्ज की। बैंक की विभागीय जांच रिपोर्ट और एसीबी द्वारा जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों ने कैशियर के खिलाफ मामले को बेहद मजबूत बना दिया, जिसके बाद उनकी तलाश तेज कर दी गई थी।
पिछले 8 महीनों से पुलिस और एसीबी की आँखों में धूल झोंक रही तेजवथ थीरापतम्मा को पकड़ने के लिए एसीबी ने बिल्हा शाखा और आसपास के इलाकों में मुखबिरों का जाल बिछाया था। गुरुवार को सूचना मिली कि फरार कैशियर किसी काम से बैंक के पास देखी गई है। जानकारी मिलते ही एसीबी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और आरोपी को हिरासत में ले लिया। फिलहाल, उसे न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की प्रक्रिया जारी है ताकि इस गबन में शामिल अन्य ‘चेहरों’ और गायब हुई राशि की बरामदगी की जा सके।
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