Bilaspur Meat Incident: बिलासपुर जिले के हिर्री थाना क्षेत्र में स्थित धौराभाठा गांव के भुलकहा मंदिर के पास उस समय हड़कंप मच गया जब एक ग्रामीण को बछड़े का मांस काटते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। स्थानीय युवकों की सतर्कता और त्वरित सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से बछड़े का मांस भी बरामद किया गया है। पुलिस ने मामले में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

मंदिर क्षेत्र में आपत्तिजनक गतिविधि
घटना शुक्रवार की दोपहर की है जब हिर्री क्षेत्र के मेड़पार निवासी मनोज कुमार निषाद (22) अपने दोस्त दिलेश्वर यादव के साथ चकरभाठा मोबाइल खरीदने जा रहा था। रास्ते में जैसे ही वे भुलकहा मंदिर मोड़ के पास पहुंचे, उन्होंने देखा कि एक व्यक्ति झाड़ियों के पीछे बछड़े को काट रहा था और मांस एकत्र कर रहा था। यह दृश्य देखकर दोनों युवक सन्न रह गए और उन्होंने तुरंत स्थिति को भांपते हुए कार्रवाई की।

आरोपी को मौके पर ही पकड़ा
मनोज और दिलेश्वर ने बिना समय गंवाए तुरंत आरोपी को पकड़ने की कोशिश की। युवकों को देखकर आरोपी भागने लगा, लेकिन पीछा कर उसे मौके पर ही दबोच लिया गया। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान धौराभाठा निवासी विदेशी मेहर के रूप में हुई है। उसके पास से गो मांस बरामद हुआ, जिसे वह झाड़ी में छिपाकर रखने की कोशिश कर रहा था।
गो सेवकों को दी गई सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही युवकों ने गो सेवकों को सूचना दी। क्षेत्र में सक्रिय कई गो सेवक तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने भी आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे गो सेवकों ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस को भी मामले से अवगत कराया।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
हिर्री थाना पुलिस ने सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर आरोपी को गो मांस सहित गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी इस काम को अकेले अंजाम दे रहा था या इसमें और लोग भी शामिल हैं।
गांव में फैली तनाव की स्थिति
घटना के बाद धौराभाठा और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश का माहौल बन गया है। मंदिर के समीप इस प्रकार की घटना से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। कई सामाजिक संगठन और ग्रामीणों ने इस कृत्य की निंदा करते हुए दोषी को कड़ी सजा देने की मांग की है। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
क्या है छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम?
छत्तीसगढ़ राज्य में गाय, बछड़े, बैल और अन्य कृषक पशुओं की हत्या, वध या मांस विक्रय पर प्रतिबंध है। इस कानून के तहत ऐसा कृत्य करने वालों को कठोर सजा का प्रावधान है, जिसमें 3 से 7 साल तक की जेल और जुर्माना शामिल है। यह कानून पशुओं की सुरक्षा और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है।
प्रशासन की अपील
बिलासपुर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और कानून हाथ में न लें। साथ ही, सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ संदेशों को प्रसारित करने से भी परहेज करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक स्थलों के पास इस तरह की घटनाएं सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती हैं। लेकिन स्थानीय युवकों की सजगता, गो सेवकों की सक्रियता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा तनाव टल गया। अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच के बाद इस पूरे प्रकरण में और क्या खुलासे होते हैं।










