Bihar Elections 2025: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। पार्टी ने इस सूची में 71 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। पहली सूची में भाजपा ने स्पष्ट रूप से सभी सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देकर सामाजिक और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश की है।

सामाजिक संतुलन पर फोकस
पार्टी की इस पहली लिस्ट में 17 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), 11 अतिपिछड़ा वर्ग, 9 महिलाएं, और SC-ST वर्ग से कुल 6 उम्मीदवारों को स्थान दिया गया है। इस तरह से भाजपा ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम कर रही है।

पुराने चेहरों पर भरोसा, कुछ नए प्रयोग भी
BJP ने ज्यादातर पुराने विधायकों और मंत्रियों को ही रिपीट किया है। गया से प्रेम कुमार, जिनकी उम्र 70 से पार है, उन्हें फिर से टिकट दिया गया है। वहीं कुम्हरार से अरुण सिन्हा और पटना साहिब से नंदकिशोर यादव का टिकट काट दिया गया है, जो पार्टी में बदलाव की ओर संकेत करता है।
लोकसभा चुनाव हारे, फिर भी मिला मौका
पार्टी ने लोकसभा चुनाव हारने वाले दो नेताओं को विधानसभा में उतारा है।बक्सर से लोकसभा उम्मीदवार रहे मिथिलेश तिवारी को बैकुठपुर से टिकट दिया गया है।रामकृपाल यादव, जो पाटलिपुत्र से लोकसभा चुनाव हारे थे, उन्हें दानापुर से विधानसभा टिकट मिला है।
एमएलसी नेताओं को भी मिला टिकट
BJP ने विधान परिषद (MLC) के नेताओं को भी अहम जिम्मेदारी दी है।
सम्राट चौधरी को तारापुर,
मंगल पांडे को सिवान,
संजीव चौरसिया को दीघा,
रजनीश कुमार को तेघड़ा से उम्मीदवार बनाया गया है।
महिला प्रतिनिधित्व पर भी ध्यान
भाजपा की पहली सूची में 9 महिलाओं को टिकट दिया गया है, जो लगभग 12.6% प्रतिनिधित्व है। यह दर्शाता है कि भाजपा महिलाओं को भी सक्रिय राजनीति में आगे लाने का प्रयास कर रही है। भाजपा की पहली सूची स्पष्ट रूप से बताती है कि पार्टी ने जातीय और सामाजिक समीकरणों को संतुलित करते हुए चुनावी रणनीति तैयार की है। पुराने और अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों को मौका देकर BJP ने अनुभव और नवाचार का संतुलन साधने की कोशिश की है। अब देखना यह होगा कि यह रणनीति चुनावी मैदान में कितना असर दिखा पाती है।
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