Brain Injury Prevention: मस्तिष्क हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो सोचने, समझने, याद रखने और व्यवहार को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है। सिर पर लगी गंभीर चोट का असर केवल शारीरिक क्षमता तक सीमित नहीं रहता, बल्कि याददाश्त, व्यक्तित्व और रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हो सकती है। न्यूरोसर्जन डॉ. स्टीफन थॉमस लैंग ने मस्तिष्क की सुरक्षा को लेकर कुछ महत्वपूर्ण सावधानियों पर जोर दिया है। उन्होंने 9 अगस्त की इंस्टाग्राम पोस्ट में खास तौर पर इलेक्ट्रिक स्कूटर चलाते समय हेलमेट पहनने की सलाह दी।
इलेक्ट्रिक स्कूटर पर हेलमेट पहनना क्यों जरूरी
इलेक्ट्रिक स्कूटर और दोपहिया वाहन चलाते समय अचानक ब्रेक लगने, सड़क पर फिसलने या किसी वाहन से टक्कर होने की स्थिति में सिर पर गंभीर चोट लग सकती है। दुर्घटना के दौरान सिर जमीन या किसी कठोर सतह से सीधे टकरा सकता है। ऐसे में हेलमेट सिर पर पड़ने वाले आघात को कम करने में मदद कर सकता है। विशेषज्ञ के मुताबिक, सही आकार का प्रमाणित हेलमेट उचित तरीके से पहनना सिर की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है। जहां नियम लागू हों, वहां पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट का इस्तेमाल सुरक्षा बढ़ा सकता है।
अनियंत्रित हाई BP से बढ़ सकता है खतरा
मस्तिष्क की सुरक्षा के लिए केवल दुर्घटनाओं से बचना ही जरूरी नहीं है, बल्कि शरीर के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना आवश्यक है। डॉ. लैंग ने अनियंत्रित उच्च रक्तचाप को लेकर भी सावधान किया है। लंबे समय तक बढ़ा हुआ रक्तचाप रक्त वाहिकाओं पर दबाव डाल सकता है और कुछ परिस्थितियों में मस्तिष्क में रक्तस्राव जैसी गंभीर समस्या का जोखिम बढ़ सकता है। हाई BP कई लोगों में लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षण के रह सकता है। इसलिए नियमित रक्तचाप जांच और चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार व जीवनशैली में बदलाव महत्वपूर्ण हैं।
शराब से दूरी भी मस्तिष्क सुरक्षा का हिस्सा
शराब का अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य पर कई तरह के नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसके अलावा वाहन चलाते समय शराब का सेवन विशेष रूप से खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इससे निर्णय लेने और प्रतिक्रिया देने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। परिणामस्वरूप सड़क दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है और सिर में चोट लगने का जोखिम भी बढ़ जाता है। विशेषज्ञ की सलाह का उद्देश्य यही है कि मस्तिष्क की सुरक्षा को केवल बीमारी या चोट के बाद इलाज तक सीमित न रखा जाए। सुरक्षित जीवनशैली और जिम्मेदार व्यवहार भी इसकी सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
गंभीर सिर की चोट का असर लंबे समय तक रह सकता है
मस्तिष्क शरीर के उन अंगों में शामिल है, जिसकी चोट व्यक्ति के जीवन के कई पहलुओं को प्रभावित कर सकती है। गंभीर चोट के बाद सोचने, याद रखने, बोलने या सामान्य गतिविधियां करने में परेशानी हो सकती है। कुछ मामलों में मरीज को लंबे समय तक इलाज और पुनर्वास की जरूरत भी पड़ सकती है। ऐसी स्थिति का प्रभाव मरीज के साथ उसके परिवार पर भी पड़ सकता है। इसलिए दुर्घटना के बाद समय पर चिकित्सकीय जांच कराने के साथ-साथ पहले से सुरक्षा उपाय अपनाना भी जरूरी है।
रोजमर्रा की आदतों से कम किए जा सकते हैं जोखिम
मस्तिष्क की सुरक्षा के लिए कुछ सामान्य सावधानियां रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाई जा सकती हैं। इलेक्ट्रिक स्कूटर या दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना, यातायात नियमों का पालन करना और शराब पीकर वाहन न चलाना महत्वपूर्ण कदम हैं। इसके साथ ही नियमित रूप से रक्तचाप की जांच कराना भी उपयोगी हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति को गंभीर सिर की चोट, अचानक कमजोरी, बोलने में परेशानी, बेहोशी या तेज और असामान्य सिरदर्द जैसी समस्या हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है। छोटी-छोटी सावधानियां गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में मदद कर सकती हैं।
Read More : Gut Health Foods : पेट की सेहत सुधारने वाली चीजें कौन सी हैं, जानिए गुड बैक्टीरिया बढ़ाने वाले फूड्स