Adani Power Share : अडानी ग्रुप की बिजली उत्पादन कंपनी Adani Power Limited के शेयरों में शुक्रवार को करीब 3% की गिरावट दर्ज की गई। सितंबर तिमाही (Q2FY25) के नतीजों में कंपनी का नेट प्रॉफिट घटने के बाद निवेशकों ने हल्की बिकवाली की।हालांकि, ब्रोकरेज हाउस ICICI Securities इस स्टॉक पर बुलिश रुख बनाए हुए है और उसने इसका टारगेट प्राइस ₹134 से बढ़ाकर ₹187 कर दिया है। यानी मौजूदा स्तरों से करीब 19% तक की संभावित बढ़त का अनुमान जताया गया है।
Adani Power ने सितंबर 2025 की तिमाही में ₹2,906.46 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो साल-दर-साल आधार पर 11% की गिरावट दर्शाता है। कंपनी की कुल बिक्री ₹13,106.34 करोड़ रही।नतीजों के असर से शुक्रवार को अडानी पावर का शेयर 3% टूटकर ₹157.60 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों के अनुसार गिरावट के बावजूद स्टॉक में लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की संभावना बनी हुई है।
ICICI सिक्योरिटीज ने अपने रिसर्च नोट में कहा, “अडानी पावर ने कई आकर्षक टैरिफ पर पावर परचेज एग्रीमेंट्स (PPAs) साइन किए हैं और कंपनी के कोल-आधारित प्रोजेक्ट्स का आउटलुक मजबूत है। इसके चलते हमें आने वाले महीनों में स्टॉक में तेजी की उम्मीद है।”
ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी ने अपनी कंस्ट्रक्शन कैपेसिटी को दोगुना कर लिया है — पहले यह 12 गीगावाट थी, जो अब बढ़कर 25 गीगावाट हो गई है। इनमें से 11 गीगावाट क्षमता के लिए कंपनी ने पहले ही लॉन्ग-टर्म बिजली खरीद समझौते किए हैं, जिनमें असम में 2.4 गीगावाट की L1 परियोजना भी शामिल है।
इसके अलावा, अडानी पावर ने अपने पूरे कंस्ट्रक्शन पोर्टफोलियो के लिए BTG (Boiler-Turbine-Generator) ऑर्डर भी दे दिए हैं, जिससे आने वाले 12–18 महीनों में अधिकांश प्रोजेक्ट्स लॉन्ग-टर्म PPAs के तहत पूरे होने की संभावना है।
जुलाई से सितंबर 2025 के बीच अडानी पावर ने कुल 24 बिलियन यूनिट बिजली बेची, जो पिछले साल की तुलना में 7% की वृद्धि है। हालांकि, इस दौरान मर्चेंट रियलाइज़ेशन 9% घटा है।कंपनी का PLF (Plant Load Factor) यानी बिजली उत्पादन क्षमता उपयोग दर 63% रही, जो साल-दर-साल 410 बेसिस पॉइंट कम है।ICICI सिक्योरिटीज के मुताबिक, कंपनी का रेवेन्यू ₹134 अरब रुपये रहा, जो साल-दर-साल 1% की मामूली बढ़त दर्शाता है। वहीं, EBITDA ₹50 अरब रुपये दर्ज किया गया, जिसमें 2% की गिरावट आई।ब्रोकरेज ने कहा, “नतीजे हमारे अनुमानों के अनुरूप हैं। पाइपलाइन में कई नए प्रोजेक्ट्स और बेहतर टैरिफ समझौतों के कारण कंपनी का भविष्य मजबूत दिख रहा है।”
विश्लेषकों के मुताबिक, अडानी पावर भारत की सबसे बड़ी निजी बिजली उत्पादक कंपनियों में से एक है। कंपनी के पास उच्च दक्षता वाले कोल-फायर प्लांट्स, किफायती लॉन्ग-टर्म PPAs, और बढ़ते डिमांड सेंटर्स के पास लोकेटेड यूनिट्स हैं।देश में बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है, और कोयले की उपलब्धता में सुधार से अडानी पावर के मार्जिन और कैश फ्लो में वृद्धि की संभावना है।ब्रोकरेज हाउस का अनुमान है कि आने वाले वित्त वर्ष में अडानी पावर का EBITDA 8–10% तक बढ़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी और हाइड्रो पावर सेगमेंट में प्रवेश की योजनाएं भी ग्रोथ को गति देंगी।
हालिया गिरावट के बावजूद ICICI Securities ने “BUY” रेटिंग बनाए रखी है और कहा है कि मौजूदा स्तरों पर यह स्टॉक लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए आकर्षक मौका प्रदान करता है।ब्रोकरेज का कहना है, “मजबूत PPA पोर्टफोलियो, नई कैपेसिटी ऐडिशन और बेहतर बिजली मांग के चलते अडानी पावर अगले कुछ सालों में स्थायी मुनाफा वृद्धि दर्ज कर सकती है।”
हालांकि तिमाही मुनाफे में गिरावट ने शेयर को अस्थायी रूप से दबाव में डाला है, लेकिन ब्रोकरेज और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अडानी पावर की फंडामेंटल स्ट्रेंथ बरकरार है।कंपनी की विस्तार योजनाएं, कोल लिंकिंग और दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौते इसे आने वाले वर्षों में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगे।ICICI Securities के ₹187 के नए टारगेट के मुताबिक, मौजूदा स्तरों से लगभग 19% की संभावित बढ़त की उम्मीद है — यानी गिरावट के बावजूद, अडानी पावर निवेशकों के लिए एक “पावरफुल” लॉन्ग-टर्म बेट बनी हुई है।
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