Stock market India: हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार, 12 सितंबर 2025 को शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की है। बीएसई सेंसेक्स में 210 अंकों की तेजी देखी गई, जो कि 0.26% की उछाल है। वहीं, निफ्टी 50 ने 25,000 के ऊपर खुलकर बाजार को नई दिशा दी है। यह तेजी घरेलू निवेशकों के लिए राहत की खबर है, जो पिछले कुछ दिनों से बाजार में उतार-चढ़ाव का सामना कर रहे थे।

वैश्विक संकेतों से बाजार को मिला सहारा
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार के अनुसार, बाजार में यह तेजी वैश्विक संकेतों की मजबूती के कारण देखने को मिली है। अमेरिका में फेडरल रिजर्व की 17 सितंबर को होने वाली बैठक से पहले यह उम्मीद की जा रही है कि ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती हो सकती है।

यह उम्मीद निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत बनकर सामने आई है और अमेरिकी बाजारों में मजबूती का माहौल बना है, जिसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा है।
एशियाई बाजारों में भी दिखी तेजी
एशियाई शेयर बाजारों में भी शुक्रवार को बढ़त देखी गई।
हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.65% की तेज उछाल के साथ बंद हुआ।
जापान का निक्केई 0.56% चढ़ा।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.15% की तेजी के साथ बंद हुआ।
चीन का सीएसआई 300 इंडेक्स भी 0.01% ऊपर रहा।
इन सभी बाजारों में सकारात्मक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी स्पष्ट रूप से दिखा।
अमेरिकी बाजारों का प्रदर्शन
अमेरिकी शेयर बाजारों में भी मजबूती देखी गई।
डाउ जोन्स 1.36% की तेजी के साथ बंद हुआ।
एसएंडपी 500 में 0.85% की बढ़त रही।
नैस्डैक 0.72% ऊपर चढ़ा।
इन आंकड़ों से साफ है कि वैश्विक निवेशक अब धीरे-धीरे ब्याज दरों में कटौती की संभावना के चलते बाजार में विश्वास जता रहे हैं।
निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ कारोबारी दिनों में भी बाजार में सकारात्मक रुख रह सकता है, खासकर तब जब अमेरिका से ब्याज दरों में कटौती की आधिकारिक पुष्टि हो जाए। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है, क्योंकि किसी भी नीतिगत बदलाव या वैश्विक घटनाक्रम से बाजार पर असर पड़ सकता है।
12 सितंबर 2025 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत तेजी के साथ हुई है, जिसका मुख्य कारण वैश्विक बाजारों की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित दर कटौती है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्सों में मजबूती ने निवेशकों का भरोसा फिर से बहाल किया है। आने वाले दिनों में बाजार का रुख फेड के फैसले और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा।










