Iran Politics : ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने देश के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में खामेनेई से सीधे संवाद करना काफी मुश्किल हो गया है, लेकिन देश के नेतृत्व के लिए उनकी मौजूदगी अभी भी एक महत्वपूर्ण ताकत बनी हुई है। पेज़ेश्कियान के मुताबिक, कठिन दौर और बाहरी दबावों के बीच खामेनेई की भूमिका ईरान को मजबूती प्रदान कर रही है।

सरकारी मीडिया इंटरव्यू में राष्ट्रपति ने रखी अपनी बात
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने ईरान के सरकारी मीडिया संस्थान IRIB को दिए एक इंटरव्यू में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भले ही सुप्रीम लीडर के साथ नियमित रूप से बातचीत करना आसान नहीं है, लेकिन संकट के समय उनका मार्गदर्शन और समर्थन सरकार के लिए बेहद अहम रहा है। पेज़ेश्कियान ने यह भी कहा कि ईरान जिस चुनौतीपूर्ण स्थिति से गुजर रहा है, उसमें खामेनेई की मौजूदगी नेतृत्व को मजबूती देती है।

गुप्त स्थान पर हुई मुलाकात को लेकर सामने आई जानकारी
ईरान इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान और सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के बीच हाल ही में एक गोपनीय मुलाकात हुई। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि राष्ट्रपति को राजधानी तेहरान में एक सुरक्षित और गुप्त स्थान पर ले जाया गया था। वहां उन्हें एक काले शीशों वाली कार में बैठे व्यक्ति से मुलाकात कराई गई, जिसे खामेनेई बताया गया। बताया गया कि यह बैठक कुछ ही मिनटों की थी।
पेज़ेश्कियान ने मुलाकात को बताया बेहद सार्थक
राष्ट्रपति ने इस मुलाकात को सकारात्मक और उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान मुज्तबा खामेनेई ने काफी विनम्रता दिखाई और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर ठोस तर्क रखे। पेज़ेश्कियान ने संकेत दिया कि इस बैठक से उन्हें नेतृत्व के दृष्टिकोण को समझने में मदद मिली और देश की मौजूदा परिस्थितियों पर विचार-विमर्श हुआ।
खामेनेई की छवि खराब करने की कोशिश का लगाया आरोप
पेज़ेश्कियान ने कहा कि कुछ समूह मुज्तबा खामेनेई की छवि को नकारात्मक तरीके से पेश करने और देश के भीतर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में हुई एक निर्णय प्रक्रिया का उदाहरण देते हुए कहा कि खामेनेई ने विशेषज्ञों की राय का सम्मान किया था। राष्ट्रपति के अनुसार, एक प्रस्ताव पर परिषद के 13 सदस्यों में से 12 ने सहमति जताई थी और खामेनेई ने उस फैसले को स्वीकार किया था।

उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को बाद में कुछ लोगों ने विवाद पैदा करने और गलत दावे करने के लिए इस्तेमाल किया। पेज़ेश्कियान ने जोर दिया कि खामेनेई का रवैया संस्थागत निर्णयों और विशेषज्ञों की राय को महत्व देने वाला रहा है।
पिता की मौत के बाद संभाली सुप्रीम लीडर की जिम्मेदारी
गौरतलब है कि मुज्तबा खामेनेई ने अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता की जिम्मेदारी संभाली। रिपोर्टों के मुताबिक, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के दौरान अली खामेनेई की मौत हुई थी, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और संघर्ष बढ़ गया था।
सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी ने बढ़ाई अटकलें
मुज्तबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। बताया जाता है कि वह घायल हैं और अब तक किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिए हैं। हालांकि, उन्होंने कई बार लिखित बयान जारी किए हैं, लेकिन उनकी गैर-मौजूदगी ने उनकी सेहत और ईरान के शीर्ष नेतृत्व के बीच संबंधों को लेकर चर्चाओं को जन्म दिया है।
रिपोर्टों के अनुसार, वह अपने पिता के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों में भी शामिल नहीं हुए थे। ऐसे में राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान का बयान ईरान के मौजूदा नेतृत्व और सुप्रीम लीडर की भूमिका को लेकर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Read more : India Nepal Border : भारत-नेपाल बॉर्डर पर बवाल, SSB जवानों पर पत्थर बरसे, 200 लोगों पर FIR











