NEET Paper Leak : NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रही दिल्ली की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनवाई में देरी और व्यवस्था संबंधी लापरवाही को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों को अनुशासन बनाए रखने की सख्त हिदायत दी है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज अजय गुप्ता ने कहा कि यह मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और इसकी सुनवाई का हर एक मिनट बेहद महत्वपूर्ण है।

कोर्ट के समय को गंभीरता से लेने की अपील
सुनवाई के दौरान जज अजय गुप्ता ने कहा कि सभी वकीलों और संबंधित अधिकारियों को अदालत के समय की अहमियत समझनी होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की अनावश्यक देरी से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है। अदालत ने सभी पक्षों से अपील की कि वे पूरी तैयारी और समय की पाबंदी के साथ सुनवाई में शामिल हों, ताकि मामले की कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ सके।

सुबह 10 बजे तक कोर्ट पहुंचना जरूरी
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सभी वकीलों के लिए समय पर उपस्थित होने का निर्देश जारी किया है। जज अजय गुप्ता ने कहा कि सभी अधिवक्ताओं को सुबह 10 बजे तक अनिवार्य रूप से कोर्ट में मौजूद रहना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि तय समय पर कार्यवाही शुरू करने के लिए सभी पक्षों का समय पर पहुंचना जरूरी है।
आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी पेशी
कोर्ट ने जेल में बंद आरोपियों की पेशी को लेकर भी निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि न्यायिक हिरासत में मौजूद सभी आरोपियों को निर्धारित समय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट के सामने पेश किया जाए। इससे सुनवाई में किसी तरह की देरी नहीं होगी और मामले की प्रक्रिया को सुचारू रूप से जारी रखा जा सकेगा।
ट्रैफिक जाम के तर्क पर कोर्ट नाराज
सुनवाई के दौरान एक वकील के देरी से पहुंचने पर जब ट्रैफिक जाम को कारण बताया गया, तो जज अजय गुप्ता ने इस पर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि केवल ट्रैफिक जाम जैसे कारणों की वजह से महत्वपूर्ण सुनवाई को प्रभावित नहीं किया जा सकता। वकीलों को समय का ध्यान रखते हुए अदालत की कार्यवाही में शामिल होना चाहिए।

तकनीक के इस्तेमाल की दी सलाह
जज ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक के कई विकल्प उपलब्ध हैं, जिनका इस्तेमाल समय बचाने के लिए किया जा सकता है। अदालत ने कहा कि यदि कोई वकील किसी वजह से समय पर कोर्ट परिसर में पहुंचने में सक्षम नहीं है, तो वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में शामिल हो सकता है। इससे अदालत की कार्यवाही में बाधा नहीं आएगी।
NEET पेपर लीक मामला बना संवेदनशील मुद्दा
NEET पेपर लीक मामला देशभर में बड़ा मुद्दा बन चुका है। इस मामले में परीक्षा की पारदर्शिता, छात्रों के भविष्य और जांच प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठाए गए हैं। अदालत इस मामले की सुनवाई को गंभीरता से आगे बढ़ा रही है, ताकि सभी तथ्यों की जांच समय पर पूरी हो सके।
कोर्ट ने सभी पक्षों को दिए स्पष्ट निर्देश
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी पक्ष की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अदालत ने वकीलों, आरोपियों और संबंधित अधिकारियों से पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करने को कहा है। कोर्ट ने उम्मीद जताई कि सभी पक्ष समय की महत्ता को समझते हुए न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
आगे की सुनवाई में तेजी की कोशिश
NEET पेपर लीक मामले में अदालत का मुख्य उद्देश्य सुनवाई को प्रभावी और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना है। कोर्ट के नए निर्देशों के बाद उम्मीद है कि मामले की सुनवाई में होने वाली देरी को कम किया जा सकेगा और सभी पक्ष निर्धारित समय के अनुसार अपनी दलीलें पेश कर सकेंगे।
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