CBSE Exam Controversy
CBSE Exam Controversy : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) की 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी होने का आरोप लगाया है। उन्होंने सीधे तौर पर उस कंपनी की पृष्ठभूमि पर सवाल खड़े किए हैं, जिसे कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन का जिम्मा सौंपा गया था। राहुल गांधी का कहना है कि सीबीएसई ने जिस ‘COEMPT’ नामक कंपनी को इस काम का ठेका दिया है, उसका पुराना नाम ‘ग्लोबारिना’ था। यह कंपनी साल 2019 में तेलंगाना राज्य में भारी विवादों में घिर चुकी थी। इस पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए कांग्रेस नेता ने पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
राहुल गांधी ने सरकार और बोर्ड से पूछा है कि आखिर किस आधार पर और किसके दबाव में COEMPT कंपनी को इतना बड़ा और संवेदनशील कॉन्ट्रैक्ट दिया गया? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इस चयन प्रक्रिया के दौरान किन-किन नियमों और कानूनी गाइडलाइंस को ताक पर रखा गया। उन्होंने हैरानी जताते हुए पूछा कि क्या सीबीएसई को कंपनी के पुराने विवादों और नाम बदलने की सच्चाई का पता नहीं था? इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने इस बात की जांच की मांग भी की है कि इस निजी प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध हैं, जिसके चलते इसे यह जिम्मेदारी मिली।
इन गंभीर आरोपों के सामने आने के बाद सीबीएसई मुख्यालय ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए एक आधिकारिक बयान जारी किया है। बोर्ड ने राहुल गांधी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत, भ्रामक और तथ्यों से परे बताया है। सीबीएसई का स्पष्ट कहना है कि कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन के लिए कंपनी का चयन पूरी तरह से पारदर्शी और नियमानुसार किया गया है। इसमें सभी जनरल फाइनेंशियल रूल्स (GFR) और निर्धारित सरकारी प्रक्रियाओं का अक्षरशः पालन किया गया है, इसलिए इसमें किसी भी तरह के पक्षपात या गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है।
बोर्ड ने अपनी सफाई में समयसीमा का ब्योरा देते हुए बताया कि बोर्ड परीक्षा 2026 की कॉपियों के ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन (OSM) के लिए एक निर्धारित प्रक्रिया अपनाई गई थी। इसके लिए 28 अगस्त 2025 को आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर निविदाएं (टेंडर) आमंत्रित की गई थीं। इसके बाद उचित तकनीकी और वित्तीय मानकों पर खरी उतरने के बाद ही COEMPT कंपनी को नियमानुसार यह ठेका आवंटित किया गया था। बोर्ड के अनुसार, इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी नहीं की गई है।
डिजिटल मूल्यांकन या ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर इस साल छात्रों के बीच भारी असंतोष और असाधारण प्रतिक्रिया देखने को मिली है। 12वीं की परीक्षा में शामिल होने वाले हर चौथे छात्र ने अपने परीक्षा परिणामों और मार्किंग को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। आंकड़ों के अनुसार, इस साल परीक्षा में कुल 17,68,962 छात्र उपस्थित हुए थे, जिनमें से 4,04,319 छात्रों (लगभग 22.85%) ने अपनी उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी देखने के लिए आवेदन किया है।
छात्रों की ओर से इस बार रिकॉर्ड 11,31,961 आंसरशीट की स्कैन कॉपियां मांगी गई हैं, जो कि पिछले साल की तुलना में लगभग चार गुना अधिक हैं। देश के किसी भी शिक्षा बोर्ड के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। बोर्ड ने बताया कि मंगलवार शाम तक 8,98,214 आंसरशीट छात्रों को भेजी जा चुकी थीं। हालांकि, सीबीएसई की वेबसाइट पर आई कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण कुछ आवेदन अभी भी रुके हुए हैं, जिनके पेमेंट और वेरिफिकेशन का काम तेजी से किया जा रहा है।
सीबीएसई के अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि स्कैन आंसरशीट से जुड़े जितने भी पेंडिंग आवेदन हैं, उन्हें 27 मई तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। इसके ठीक बाद, 29 मई से पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बोर्ड ने साफ किया है कि जब अंतिम आंसरशीट जारी की जाएगी, उसके बाद भी छात्रों को आवेदन करने के लिए दो दिनों का अतिरिक्त समय दिया जाएगा ताकि कोई भी छात्र इस प्रक्रिया से वंचित न रह सके। जिन छात्रों को अंकों में विसंगति लगती है, वे मार्क्स वेरिफिकेशन या प्रति सवाल के आधार पर री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
अगर साल 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें, तो उस समय 1,31,000 छात्रों ने 2,82,000 आंसरशीट की मांग की थी। उनमें से 50,000 छात्रों ने नतीजों से असंतुष्ट होकर पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था। उस प्रक्रिया में 31,000 छात्रों के नंबर बढ़ गए थे, जबकि करीब 1,000 से 1,500 छात्रों के नंबर कम हुए थे। वहीं, 18,000 छात्रों के अंकों में कोई बदलाव नहीं हुआ था। बोर्ड की नीति के अनुसार, पुनर्मूल्यांकन में नंबर कम होने पर उन्हें घटाया नहीं जाता, बल्कि पहले वाले अंक ही यथावत रखे जाते हैं। इस बार पूरी मूल्यांकन व्यवस्था डिजिटल और स्कैनिंग आधारित होने के कारण आवेदनों की संख्या में यह भारी उछाल आया है।
Takes Charge as CDS : भारतीय रक्षा क्षेत्र और सैन्य नेतृत्व में आज एक नए…
Sonarpur Attack : पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने…
IPL 2026 Final Match : आईपीएल 2026 के रोमांचक सफर में पूरे 70 लीग मैच,…
Viral video : इन दिनों विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक बेहद ही अजीबोगरीब और…
Modern Kiwi Farming : भारत के कृषि क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों से एक बड़ा…
Chhattisgarh Cyber Fraud : छत्तीसगढ़ से साइबर अपराध जगत को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला…
This website uses cookies.