SIR controversy : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध अब संसद और सड़कों से आगे बढ़कर राष्ट्रपति भवन तक पहुंचता नजर आ रहा है। INDIA ब्लॉक के सांसद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांग रहे हैं। विपक्ष की योजना राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर चुनाव आयोग से संबंधित अपनी मांगें रखने की है।
150 से ज्यादा सांसद ज्ञापन पर कर सकते हैं हस्ताक्षर
विपक्षी खेमे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बुधवार 7 अक्टूबर को होने वाली लंच मीटिंग में 150 से अधिक विपक्षी सांसद प्रस्तावित ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। इस ज्ञापन में चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी शामिल किए जाने की बात सामने आई है।
शुक्रवार तक राष्ट्रपति के जवाब का इंतजार
INDIA ब्लॉक के सूत्रों के अनुसार, विपक्ष राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए शुक्रवार तक इंतजार करेगा। यदि इस अवधि में राष्ट्रपति से मिलने का समय नहीं मिलता है, तो विपक्ष दोबारा विरोध मार्च निकालने के विकल्प पर विचार कर सकता है। इससे संकेत मिल रहा है कि चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष अपना आंदोलन आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
SIR को लेकर बढ़ रहा चुनाव आयोग से टकराव
विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर लंबे समय से मतभेद चल रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़ी उनकी आपत्तियों और चिंताओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष चुनाव आयोग पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
राहुल गांधी के नेतृत्व में मंगलवार को हुआ प्रदर्शन
इससे पहले मंगलवार 6 अक्टूबर को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के मुख्यालय तक मार्च निकालने का प्रयास किया था। विपक्षी सांसद आयोग से मुलाकात और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया।
आकाशवाणी भवन के पास नेताओं ने दिया धरना
मार्च रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारी सांसद आकाशवाणी भवन के पास पहुंच गए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं ने वहां धरना दिया। इसके बाद देर शाम पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस घटनाक्रम के बाद विपक्ष ने अपनी रणनीति को और आगे बढ़ाने के संकेत दिए।
चुनाव आयोग ने मुलाकात के प्रोटोकॉल पर दी सफाई
चुनाव आयोग ने मंगलवार के घटनाक्रम पर कहा कि शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल ने आयोग से औपचारिक मुलाकात के लिए समय नहीं मांगा था। आयोग के मुताबिक, बाद में दिल्ली पुलिस से जानकारी मिली कि सांसदों का प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलकर ज्ञापन सौंपना चाहता है।
आयोग बोला, पहले से लेना होता है समय
ECI ने अपने निर्धारित प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों या संयुक्त प्रतिनिधिमंडल को अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से पहले से मुलाकात का समय लेना होता है। आयोग के अनुसार, इस तरह की बैठक निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसके परिसर में आयोजित की जाती है।
AAP भी विपक्षी प्रदर्शन में हुई शामिल
विपक्ष की मौजूदा रणनीति केवल कांग्रेस तक सीमित नहीं दिखाई दे रही है। मंगलवार के मार्च में शामिल नहीं हुई आम आदमी पार्टी बुधवार को दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन में शामिल हो रही है। कांग्रेस, वाम दलों और अन्य विपक्षी समूहों के साथ AAP भी चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज करा रही है।
राहुल गांधी लगातार उठा रहे वोट चोरी का मुद्दा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी चुनाव प्रक्रिया में कथित ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए लगातार CEC के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग विपक्ष के आरोपों को खारिज कर चुका है और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया का बचाव करता रहा है। अब राष्ट्रपति से मुलाकात की मांग के बाद यह राजनीतिक टकराव और बढ़ने के संकेत हैं।
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