Ambikapur News : जनपद पंचायत अंबिकापुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के खिलाफ पंचायत सचिवों का आक्रोश तेज हो गया है। शुक्रवार को सैकड़ों पंचायत सचिवों ने सरगुजा कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपते हुए जनपद सीईओ को तत्काल हटाने की मांग की। सचिवों का आरोप है कि सीईओ द्वारा उनसे दुर्भावनापूर्ण तरीके से काम लिया जा रहा है और मनमानी कार्रवाई की जा रही है।

पंचायत सचिव संघ ने आरोप लगाया कि जनपद सीईओ न केवल सचिवों पर अनावश्यक दबाव बना रहे हैं बल्कि कमीशन वसूली और सामान खरीदने के लिए दबाव डालते हैं। सचिवों ने बताया कि तय स्थान से सामान लेने के निर्देश दिए जाते हैं और आदेश का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाती है। हाल ही में दो पंचायत सचिवों को सस्पेंड भी कर दिया गया, जिससे नाराजगी और बढ़ गई है।

प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह पैकरा ने कहा कि सीईओ के व्यवहार और दबावपूर्ण रवैये से सचिवों में रोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 22 सितंबर तक मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नहीं हटाया गया तो प्रदेशभर के पंचायत सचिव अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। पैकरा ने यह भी कहा कि पंचायत सचिव गांव-गांव में योजनाओं को जमीन पर उतारते हैं, लेकिन उनके साथ अपमानजनक व्यवहार असहनीय है।
इसी तरह सचिव पूनम गुप्ता ने बताया कि सीईओ द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है और बिना कारण कार्रवाई की धमकी दी जाती है। उन्होंने कहा कि सचिव अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा से कर रहे हैं, लेकिन अधिकारियों का दबाव और भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान सचिवों ने कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। सचिव संघ ने साफ कहा है कि 22 सितंबर उनकी अंतिम समय-सीमा है, उसके बाद जिलेभर में सचिव कामकाज ठप कर देंगे।
अभी देखना यह होगा कि जिला प्रशासन सचिवों के इस आक्रोश और अल्टीमेटम पर क्या निर्णय लेता है।










