CG ACB Action : छत्तीसगढ़ के एक कलेक्ट्रेट परिसर में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने रिश्वतखोरी के आरोप में बड़ी कार्रवाई की है। ACB की टीम ने कम्पोजिट बिल्डिंग में कार्रवाई करते हुए नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक विद्या सागर गोपाल को कथित तौर पर 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एक ट्रांसपोर्टर की शिकायत के आधार पर की गई। अंबिकापुर से पहुंची ACB टीम ने पहले शिकायत में लगाए गए आरोपों का सत्यापन किया और इसके बाद ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया।
ट्रांसपोर्टर ने दर्ज कराई थी शिकायत
ACB अधिकारियों के मुताबिक, अंबिकापुर निवासी ट्रांसपोर्टर शिवराज सिंह ने जिला प्रबंधक के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ट्रांसपोर्टिंग से जुड़े करीब 11 लाख रुपये के बिल को पास करने के बदले कमीशन की मांग की जा रही है। ट्रांसपोर्टर का आरोप था कि बिल की राशि का दो प्रतिशत कमीशन के रूप में मांगा गया। शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपों की जांच शुरू की।
11 लाख के बिल पर 2 प्रतिशत कमीशन का आरोप
शिकायत के अनुसार करीब 11 लाख रुपये के ट्रांसपोर्टिंग बिल के भुगतान या उसे पास करने के एवज में दो प्रतिशत कमीशन मांगा जा रहा था। 11 लाख रुपये का दो प्रतिशत 22 हजार रुपये होता है। शिकायतकर्ता ने इसी रकम की मांग किए जाने की जानकारी ACB को दी थी। इसके बाद ब्यूरो की टीम ने शिकायत में लगाए गए रिश्वत मांगने के आरोपों का सत्यापन कराया। सत्यापन के बाद कार्रवाई के लिए ट्रैप की योजना बनाई गई।
22 हजार रुपये लेते समय पकड़े गए अधिकारी
ACB के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान जिला प्रबंधक विद्या सागर गोपाल कथित तौर पर 22 हजार रुपये की रिश्वत राशि ले रहे थे। इसी दौरान पहले से तैयार ACB टीम ने उन्हें पकड़ लिया। कार्रवाई कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कम्पोजिट बिल्डिंग में की गई। टीम का नेतृत्व ACB टीआई शरद सिंह द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई है। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद किए जाने की बात कही गई है।
सत्यापन के बाद की गई ट्रैप कार्रवाई
ACB अधिकारियों के अनुसार किसी भी ट्रैप कार्रवाई से पहले शिकायत में लगाए गए रिश्वत मांगने के आरोपों का सत्यापन किया जाता है। इस मामले में भी ट्रांसपोर्टर की शिकायत के बाद आरोपों की जांच और सत्यापन कराया गया। ACB का दावा है कि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने आरोपी अधिकारी को रिश्वत लेते पकड़ने के लिए कार्रवाई की। इसके बाद अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया।
दस्तावेजों और पूरे मामले की जांच जारी
अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद ACB की टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित रिश्वत मांगने और ट्रांसपोर्टिंग बिल के बीच क्या संबंध था। इसके अलावा संबंधित रिकॉर्ड और लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
रिश्वतखोरी के खिलाफ ACB की कार्रवाई
ACB की इस कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों को लेकर फिर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, गिरफ्तार अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल ACB द्वारा गिरफ्तारी के बाद मामले की आगे की जांच जारी है और संबंधित दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
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