Baloda Bazar Flood : छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में हालिया अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित किसानों एवं ग्रामीणों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। बारिश और बाढ़ के कारण प्रभावित क्षेत्रों में फसलों और मकानों को हुए नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित लोगों की स्थिति का मौके पर जाकर जायजा लिया जाए और पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार जल्द राहत उपलब्ध कराई जाए।
टीएल बैठक में कलेक्टर ने दिए जरूरी निर्देश
कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने मंगलवार को आयोजित समय-सीमा यानी टीएल बैठक में बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में फसल और मकान क्षति का तत्काल सर्वे कराया जाए। सर्वे पूरा होने के बाद पात्र प्रभावितों के राहत प्रकरण तैयार किए जाएं, ताकि उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
प्रभावित गांवों में मौके पर होगा नुकसान का आकलन
कलेक्टर ने तहसीलदारों को निर्देश दिए कि पटवारियों की टीम के माध्यम से प्रभावित गांवों का दौरा कराया जाए। टीम मौके पर पहुंचकर बाढ़ और अतिवृष्टि के कारण फसलों तथा मकानों को हुए नुकसान का आकलन करेगी। प्रशासन का उद्देश्य वास्तविक क्षति का सही रिकॉर्ड तैयार करना है, ताकि पात्र किसानों और ग्रामीणों को राहत राशि उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
एसडीएम को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
बाढ़ राहत कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी एसडीएम को भी सौंपी गई है। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिया कि वे राहत और सर्वे कार्यों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे सर्वे की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी स्तर पर कार्य में अनावश्यक देरी नहीं होने दी जाए।
15 दिनों में मुआवजा वितरण का लक्ष्य
कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने अधिकारियों को आरबीसी 6-4 के तहत पात्रता के अनुसार राहत प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पात्र प्रभावितों को 15 दिनों के भीतर मुआवजा राशि वितरित कराने की दिशा में काम किया जाए। प्रशासन की ओर से समयसीमा तय किए जाने से बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को जल्द आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।
राहत कार्य में लापरवाही पर सख्त निर्देश
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आपदा की स्थिति में राहत कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। साथ ही अधिकारियों से स्वयं प्रभावित क्षेत्रों में जाकर स्थिति का निरीक्षण करने को कहा गया है। इससे जमीनी स्तर पर नुकसान और राहत की जरूरत का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
सरकारी भवनों और सार्वजनिक संपत्तियों का भी सर्वे
बाढ़ से केवल निजी मकानों और फसलों को ही नहीं, बल्कि शासकीय भवनों तथा अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों को भी नुकसान पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने अलग से आकलन के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को प्रभावित सरकारी परिसंपत्तियों का निरीक्षण कर क्षति का विवरण तैयार करने और रिपोर्ट तत्काल राहत शाखा को भेजने के लिए कहा गया है।
लंबित राजस्व प्रकरणों पर कलेक्टर नाराज
टीएल बैठक के दौरान राजस्व मामलों की भी समीक्षा की गई। बड़ी संख्या में लंबित त्रुटि सुधार प्रकरण सामने आने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने 100 से अधिक प्रकरण लंबित रखने वाले संबंधित नायब तहसीलदारों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इससे लंबित मामलों के जल्द निराकरण पर प्रशासन का जोर स्पष्ट हुआ है।
डिजिटल क्रॉप सर्वे पूरा करने के निर्देश
कलेक्टर ने डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत बचे हुए खसरों का सर्वे भी समयसीमा में पूरा कराने को कहा। इसके लिए पर्याप्त संख्या में सर्वेयर तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन के इन कदमों से बाढ़ प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के नुकसान का रिकॉर्ड तैयार कर पात्र लोगों को जल्द राहत एवं मुआवजा देने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
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