CG EOW Raid: छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (CSMCL) घोटाले की जांच के तहत EOW की टीम ने शराब कारोबारी अनवर ढेबर के करीबी सहयोगियों के तीन प्रमुख ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई अवैध वसूली और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की पड़ताल को लेकर की गई है।EOW की टीम ने बुधवार को कई स्थानों पर एक साथ दबिश दी और वहां मौजूद दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से घोटाले से जुड़े कई अहम सुराग सामने आ सकते हैं।

अनवर ढेबर के करीबियों के ठिकानों पर जारी रही जांच
जानकारी के अनुसार, EOW की टीम ने उन लोगों के ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनका संबंध शराब कारोबारी अनवर ढेबर से बताया जा रहा है। जांच एजेंसी को आशंका है कि कथित अवैध वसूली से प्राप्त धन को अलग-अलग माध्यमों से निवेश किया गया।रेड के दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों में संपत्ति खरीद, आर्थिक लेनदेन और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड शामिल होने की बात सामने आई है। फिलहाल जांच टीम सभी दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।

अवैध वसूली की रकम से बेनामी संपत्ति खरीदने के सबूत
EOW की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित अवैध वसूली से अर्जित राशि का इस्तेमाल बेनामी संपत्तियों की खरीद और निवेश में किया गया हो सकता है। जांच एजेंसी को ऐसे कई दस्तावेज मिले हैं, जिनसे संपत्तियों में निवेश की जानकारी मिलने का दावा किया जा रहा है।अधिकारियों के अनुसार, बरामद दस्तावेजों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अवैध कमाई का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की हो रही जांच
छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों के अलावा डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। EOW यह पता लगाने में जुटी है कि पैसों के लेनदेन के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया गया और किन लोगों को इसका लाभ पहुंचा।जांच एजेंसी वित्तीय लेनदेन, संपत्ति खरीद और संदिग्ध निवेश की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शराब घोटाले में पहले भी हो चुकी हैं कई कार्रवाइयां
छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाला मामले में इससे पहले भी जांच एजेंसियां कई बार कार्रवाई कर चुकी हैं। इस मामले में अवैध वसूली, सरकारी राजस्व को नुकसान और फर्जी लेनदेन जैसे आरोपों की जांच चल रही है।EOW और अन्य जांच एजेंसियां लगातार इस मामले से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं। अब अनवर ढेबर के करीबियों के ठिकानों पर हुई कार्रवाई से मामले में नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
जांच आगे बढ़ने के साथ बढ़ सकती हैं मुश्किलें
EOW की इस कार्रवाई के बाद मामले से जुड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जांच एजेंसी बरामद दस्तावेजों के आधार पर आगे की रणनीति तैयार करेगी।फिलहाल छापेमारी की कार्रवाई जारी है और अधिकारियों की टीम सभी सबूतों को जुटाने में लगी हुई है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और भी बड़े खुलासे सामने आने की उम्मीद है।
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