छत्तीसगढ़

CG High Court: सूरजपुर के स्कूल में बच्चों से मजदूरी कराने पर हाईकोर्ट सख्त, दोषी प्रिंसिपल की कुर्सी जाना तय!

CG High Court: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से बाल श्रम और शिक्षा के अधिकार (RTE) के उल्लंघन का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। सूरजपुर स्थित मुख्यमंत्री डी.ए.वी. (DAV) पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल द्वारा गरीब बच्चों से स्कूल में निर्माण कार्य और पुताई कराने की खबर पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने इस मामले को जनहित याचिका के रूप में लेते हुए स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया है। अदालत ने राज्य के स्कूल शिक्षा सचिव को 11 मार्च 2026 तक पूरे मामले की विस्तृत जानकारी के साथ शपथपत्र दाखिल करने का कड़ा निर्देश दिया है।

RTE के छात्रों से पुताई और मजदूरी: टीसी काटने की दी गई धमकी

तिलसिवां स्थित इस स्कूल के परिजनों ने प्रिंसिपल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत मुफ्त शिक्षा पा रहे बच्चों को स्कूल के सौंदर्यीकरण और निर्माण कार्यों में लगाया गया। बच्चों से सीमेंट ढुलवाया गया, रेत छनवाई गई और कक्षाओं की पुताई तक कराई गई। सबसे विचलित करने वाली बात यह है कि जब बच्चों ने शारीरिक श्रम करने से मना किया, तो प्रिंसिपल ने उन्हें स्कूल से निकालने और टीसी (Transfer Certificate) काटने की धमकी देकर डराया।

प्रिंसिपल का अमानवीय व्यवहार: ‘मुफ्त में पढ़ रहे हैं तो काम करना होगा’

जब पीड़ित बच्चों के अभिभावक स्कूल में इस अमानवीय कृत्य का विरोध करने पहुँचे, तो प्रिंसिपल ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया। परिजनों का आरोप है कि प्रिंसिपल ने अहंकारी लहजे में कहा, “आपके बच्चों को मुफ्त में किताबें, बैग, बिजली और टेबल मिल रहे हैं, आपका पैसा नहीं लगता। इसलिए बाहर जाकर बात कीजिए।” इसके अलावा, शिकायत में यह सनसनीखेज खुलासा भी हुआ है कि प्रिंसिपल ने स्कूल की एक कक्षा को अवैध रूप से अपने और अपने पति के रहने के लिए ‘निवास’ बना लिया है। साक्ष्य के रूप में परिजनों ने बच्चों के काम करते हुए वीडियो और फोटो कलेक्टर को सौंपे हैं।

रायगढ़ में भी ऐसी ही घटना: महिला कर्मचारी पर गिरी निलंबन की गाज

सूरजपुर के साथ-साथ रायगढ़ जिले के प्री-मेट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी, जहाँ छात्राओं से हॉस्टल की पुताई कराई जा रही थी। इस मामले में शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित महिला कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस मुद्दे को अत्यंत संवेदनशील और गंभीर बताया है। शासन ने सूरजपुर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है और रिपोर्ट प्राप्त होते ही कठोर दंडात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

न्यायालय में राज्य शासन का पक्ष: जांच कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार

हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने पक्ष रखते हुए कोर्ट को अवगत कराया कि सरकार इस विषय पर गंभीर है। उन्होंने बताया कि 23 फरवरी को ही एक जांच समिति गठित कर दी गई थी जो मामले की सच्चाई की पड़ताल कर रही है। हालांकि, हाईकोर्ट ने केवल कमेटी गठन से संतुष्ट न होकर शिक्षा सचिव से सीधे जवाबदेही तय की है। अब 11 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई में यह तय होगा कि दोषी प्रिंसिपल के खिलाफ प्रशासन क्या कानूनी कदम उठाता है।

Read more : GGU Bilaspur: बिलासपुर गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी में होली पर खूनी संघर्ष, छात्रों के दो गुटों में जमकर चले लात-घूंसे

Thetarget365

Recent Posts

Odisha Triple Murder: ओडिशा में तिहरा हत्याकांड, सनकी ससुर ने पत्नी, बहू और मासूम पोती को हथौड़े से मार डाला

Odisha Triple Murder: ओडिशा के देवगढ़ जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर…

19 minutes ago

Bihar Politics: नीतीश कुमार का इस्तीफा और दिल्ली का सफर,क्या निशांत कुमार संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी?

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक युगांतकारी बदलाव की आहट सुनाई दे रही है।…

39 minutes ago

BCCI Awards 2026: शुभमन गिल बनेंगे साल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी, ‘द वॉल’ राहुल द्रविड़ को लाइफटाइम अचीवमेंट

BCCI Awards 2026: भारतीय क्रिकेट टीम के भविष्य के चमकते सितारे और टेस्ट-वनडे कप्तान शुभमन…

1 hour ago

This website uses cookies.