CG News : पुरानी पेंशन योजना की बहाली समेत सात सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ ने राजधानी रायपुर के डंगनिया स्थित विद्युत कंपनी मुख्यालय के सामने विशाल आमसभा और धरना-प्रदर्शन किया।

प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पहुंचे अधिकारियों और कर्मचारियों ने विद्युत कंपनी प्रबंधन पर बार-बार आश्वासन देकर मांगों को लंबित रखने का आरोप लगाया। सरगुजा संभाग से भी 50 से अधिक कार्यकर्ताओं ने आंदोलन में भाग लेकर अपनी एकजुटता दिखाई। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि 15 अगस्त तक मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो 17 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन कामबंद आंदोलन शुरू किया जाएगा।

भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ द्वारा आयोजित इस आंदोलन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष संजय तिवारी और प्रदेश महामंत्री नवरतन बरेठ ने किया। कार्यक्रम का मार्गदर्शन भारतीय मजदूर संघ के मंत्री एवं विद्युत प्रभारी राधेश्याम जायसवाल ने किया।
महासंघ ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में वर्ष 2004 के बाद नियुक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की बहाली, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, नई भर्ती, वेज रिवीजन लागू होने तक 20 प्रतिशत अंतरिम राहत, रिस्ट्रक्चरिंग तथा ठेका कर्मचारियों के वेतन भुगतान जैसी सात सूत्रीय मांगें शामिल हैं।
महासंघ का कहना है कि पिछले वर्ष आंदोलन के बाद 17 अक्टूबर 2025 को विद्युत कंपनी प्रबंधन ने राज्य सरकार से अनुमोदन लेकर जल्द पुरानी पेंशन बहाल करने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन करीब आठ माह बीतने के बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण संगठन को दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
महासंघ ने प्रथम चरण में 1 से 30 जून 2026 तक हस्ताक्षर अभियान चलाकर कर्मचारियों का समर्थन जुटाया। इसके बाद दूसरे चरण में 10 जुलाई को रायपुर में विशाल आमसभा एवं धरना-प्रदर्शन कर विद्युत कंपनी के चेयरमैन के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
महासंघ ने स्पष्ट किया कि यदि 15 अगस्त तक सात सूत्रीय मांगों पर आदेश जारी नहीं किया गया तो 17 अगस्त 2026 से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन कामबंद आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन को विभिन्न कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिला है। क्षेत्रीय सचिव अभिषेक कुमार बोहिदार ने बताया कि इस प्रदर्शन में सरगुजा संभाग से 50 से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और आगामी आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।











