CG PM Awas Yojana : छत्तीसगढ़ में गरीब परिवारों को पक्का और सुरक्षित घर उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने योजना के तहत निवास की कट-ऑफ डेट को वर्ष 2015 से बढ़ाकर 2024 कर दिया है। इस फैसले के बाद ऐसे परिवारों को भी योजना के दायरे में आने का अवसर मिलेगा, जो 2024 तक छत्तीसगढ़ में निवास कर रहे हैं और योजना की अन्य निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करते हैं।
पुरानी कट-ऑफ डेट से कई परिवार थे बाहर
पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए वर्ष 2015 को निवास की कट-ऑफ डेट माना गया था। इसके कारण कई ऐसे गरीब परिवार योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे, जो बाद में छत्तीसगढ़ में आकर रहने लगे थे। अब सरकार ने इस सीमा को नौ साल आगे बढ़ाकर 2024 कर दिया है। इससे नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
पिछले नौ वर्षों से रह रहे परिवारों को राहत
नई व्यवस्था के तहत ऐसे पात्र परिवारों को भी आवास योजना का लाभ मिल सकता है, जो पिछले नौ वर्षों से प्रदेश में निवास कर रहे हैं। सरकार के इस फैसले से उन परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पुरानी कट-ऑफ डेट के कारण योजना से बाहर होना पड़ा था। हालांकि, केवल निर्धारित अवधि से प्रदेश में रहना ही योजना का लाभ पाने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।
सभी पात्रता शर्तें पूरी करना जरूरी
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई कट-ऑफ डेट का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा, जो प्रधानमंत्री आवास योजना की अन्य निर्धारित पात्रता शर्तों को भी पूरा करते हैं। यानी निवास की तारीख में बदलाव के बावजूद योजना के बाकी नियम लागू रहेंगे। अधिकारियों को पात्र परिवारों की पहचान करते समय सभी आवश्यक मानकों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
15 दिन में नए हितग्राहियों की पहचान
नई व्यवस्था को जल्द लागू करने के लिए राज्य सरकार ने सभी नगरीय निकायों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। निकायों को 2024 की नई कट-ऑफ डेट के आधार पर पात्र परिवारों की पहचान करनी होगी। इसके लिए 15 दिनों की समय सीमा तय की गई है। सरकार का उद्देश्य है कि नए पात्र हितग्राहियों की पहचान जल्द पूरी हो और उन्हें आवास योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
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AHP योजना के तहत मिलेगा आवास
नए पात्र परिवारों को एएचपी यानी Affordable Housing Project के तहत आवास का लाभ दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार चाहती है कि जिन गरीब परिवारों को अब तक किसी कारण से पक्का मकान नहीं मिल पाया है, उन्हें जल्द योजना से जोड़ा जाए। आवास मिलने से इन परिवारों को रहने के लिए सुरक्षित और स्थायी स्थान उपलब्ध हो सकेगा।
36,969 आवासों को मिल चुकी है मंजूरी
सरकार के मुताबिक शहरी आवास योजना के अंतर्गत एएचपी योजना में अब तक कुल 36,969 आवासों को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 29,267 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष स्वीकृत आवासों के निर्माण का काम भी जारी है। सरकार का दावा है कि आवास निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
गरीब परिवारों को सम्मानजनक घर देने पर जोर
राज्य सरकार का कहना है कि गरीब परिवारों को सुरक्षित, स्थायी और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। कट-ऑफ डेट बढ़ाने के फैसले से प्रधानमंत्री आवास योजना के संभावित लाभार्थियों का दायरा बढ़ सकता है। इससे उन परिवारों को अपने घर का सपना पूरा करने का अवसर मिलेगा, जो अब तक पात्रता संबंधी कारणों से योजना का लाभ नहीं उठा सके थे।
नियमों के अनुसार ही मिलेगा योजना का लाभ
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर आवास उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, नए हितग्राहियों का चयन करते समय योजना की सभी पात्रता शर्तों का पालन सुनिश्चित करना होगा। सरकार का लक्ष्य अधिक गरीब परिवारों को आवास सुविधा से जोड़ना है, लेकिन अंतिम लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जो सभी आवश्यक मानदंड पूरे करेंगे।
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