Hormuz Crisis : दिल्ली में आयोजित BRICS समिट के दौरान ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भारत के समुद्री हितों को लेकर अहम बयान दिया। टाइम्स नाउ के साथ खास बातचीत में उन्होंने भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि तनावपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कभी समझौता नहीं किया है।
भारतीय कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा का दावा
काजेम गरीबाबादी ने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले भारतीय जहाजों में कमर्शियल जहाज भी शामिल हैं। उनके मुताबिक, संकट के बावजूद ईरान ने इन जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश लगातार जारी रखी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर बढ़ते तनाव के कारण भारत समेत कई देशों के समुद्री व्यापार और नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
होर्मुज स्ट्रेट में तनाव से बढ़ी चिंता
होर्मुज स्ट्रेट में मौजूदा तनाव का असर वैश्विक समुद्री व्यापार पर भी पड़ सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के दौरान भारतीय जहाजों पर हमले की घटनाओं का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा भारतीय नाविकों के समुद्री डाकुओं द्वारा अगवा किए जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। ऐसे हालात में भारत के लिए इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा बेहद अहम हो जाती है।
पीएम मोदी ने नाविकों की सुरक्षा पर दिया जोर
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में समुद्री सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। उन्होंने वैश्विक व्यापार में नाविकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए समुद्री मार्गों को उनके लिए सुरक्षित रखने की अपील की। पीएम मोदी ने नाविकों की मदद के लिए ‘नाविकों के लिए इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क’ बनाने का प्रस्ताव भी रखा।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर ईरान का जवाब
जब काजेम गरीबाबादी से भारतीय नाविकों की सुरक्षा की गारंटी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय जहाजों की सुरक्षा से कभी समझौता नहीं किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा परिस्थितियों के बावजूद भारतीय जहाजों की सुरक्षा को लेकर ईरान की प्रतिबद्धता बनी हुई है।
विदेशी हमलों को बताया मौजूदा संकट की वजह
ईरानी उप विदेश मंत्री ने होर्मुज में अस्थिरता को लेकर अपने देश की स्थिति भी स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पैदा हुए मौजूदा हालात ईरान की नीतियों का परिणाम नहीं हैं। उनके मुताबिक, इस्लामिक गणराज्य ईरान के खिलाफ विदेशी आक्रामकता और हमलों के कारण होर्मुज में तनावपूर्ण स्थिति बनी है। उन्होंने इसे संकट की मुख्य वजह बताया।
ईरान-ओमान ने बनाई होर्मुज खोलने की योजना
काजेम गरीबाबादी ने दावा किया कि ईरान और ओमान ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह दोबारा खोलने के लिए एक नई योजना तैयार की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस योजना की सफलता काफी हद तक वाशिंगटन के रुख पर निर्भर करती है। उनके मुताबिक, अमेरिका की ओर से किए गए वादों से पीछे हटने की स्थिति ने इस प्रक्रिया को प्रभावित किया है।
BRICS घोषणापत्र पर भी रखी बात
ईरान के उप विदेश मंत्री ने दिल्ली में तैयार हुए BRICS घोषणापत्र को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घोषणापत्र के मसौदे को लेकर शुरुआत में कुछ मंत्रियों के बीच मतभेद सामने आए थे। हालांकि, बातचीत और सहमति के बाद सभी सदस्य देश एकजुट हुए और अंततः घोषणापत्र का समर्थन किया गया।
भारत की भूमिका की ईरान ने की सराहना
काजेम गरीबाबादी ने BRICS समिट की सफलता के लिए भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना की। उन्होंने दिल्ली में आयोजित शिखर सम्मेलन को बेहद सफल बताया। उनके बयान से स्पष्ट है कि ईरान भारत के साथ अपने संबंधों को महत्व देता है और समुद्री सुरक्षा से लेकर बहुपक्षीय मंचों तक सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक रुख रखता है।
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