CG Politics : छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर खुली बहस को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को माइनिंग और खदानों से जुड़े मुद्दों पर आमने-सामने खुली बहस की चुनौती दी है। बघेल ने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर रायपुर प्रेस क्लब में बहस हुई, उसी तरह खनन से जुड़े सवालों पर भी सार्वजनिक चर्चा होनी चाहिए।
प्रेस क्लब में बहस का दिया हवाला
भूपेश बघेल की यह चुनौती 15 सितंबर को रायपुर प्रेस क्लब में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ हुई लाइव बहस के बाद सामने आई है। दोनों नेताओं के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर करीब 80 मिनट तक चर्चा हुई थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने योजना से जुड़े आंकड़े और अपने-अपने दावे सामने रखे तथा एक-दूसरे के आंकड़ों पर सवाल उठाए।
खनन विभाग को लेकर बघेल ने उठाए सवाल
बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने खदान और माइनिंग के मुद्दे पर खुली चर्चा का प्रस्ताव रखा। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के पास खनन विभाग भी है, इसलिए खदानों से जुड़े फैसलों, नीतियों और कामकाज पर सार्वजनिक रूप से सवाल-जवाब होना चाहिए। रिपोर्टों के मुताबिक बघेल ने रायपुर प्रेस क्लब में आमने-सामने बैठकर बहस करने की बात कही है।
मुख्यमंत्री साय ने चुनौती पर क्या कहा
बघेल की चुनौती पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार साय ने कहा कि सरकार से जुड़े तथ्य जनता के सामने आ रहे हैं। हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में मुख्यमंत्री की ओर से बघेल के साथ उसी प्रारूप में लाइव डिबेट स्वीकार करने की स्पष्ट घोषणा नहीं बताई गई है। ऐसे में फिलहाल यह मुद्दा दोनों नेताओं के बयानों के स्तर पर राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है।
झीरम घाटी मामले का भी उठा मुद्दा
अंबिकापुर में अपने दौरे के दौरान बघेल ने झीरम घाटी मामले को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पीड़ितों को न्याय मिलने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई से जुड़े मुद्दे पर अपनी बात रखी। हालांकि इस मामले में 16 सितंबर 2026 को जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने 2013 के झीरम घाटी हमले के 10 दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। NIA ने भी इस फैसले की आधिकारिक जानकारी जारी की है।
अंबिकापुर में बघेल-सिंहदेव साथ नजर आए
अंबिकापुर दौरे के दौरान भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव एक मंच पर दिखाई दिए। रिपोर्टों के अनुसार दोनों नेताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने का संदेश दिया। इसी दौरान बघेल की ओर से सरगुजा संभाग की सभी 14 विधानसभा सीटों पर जीत का दावा भी किया गया। यह उनका राजनीतिक दावा है, जिसे तथ्यात्मक चुनाव परिणाम के रूप में नहीं देखा जा सकता।
विजय शर्मा के बाद साय के साथ बहस की चर्चा
15 सितंबर की बहस के बाद बघेल का मुख्यमंत्री साय को चुनौती देना छत्तीसगढ़ की राजनीति में चर्चा का नया विषय बन गया है। पीएम आवास के मुद्दे पर हुई बहस में दोनों नेताओं ने अलग-अलग आंकड़ों और कार्यकाल से जुड़े दावे रखे थे। अब बघेल माइनिंग के मुद्दे को लेकर सीधे मुख्यमंत्री के साथ चर्चा चाहते हैं।
अब मुख्यमंत्री के जवाब पर टिकी नजर
बघेल की ओर से चुनौती दिए जाने के बाद अब राजनीतिक नजर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगली प्रतिक्रिया पर है। यदि दोनों नेताओं के बीच बहस होती है तो खनन नीति, खदानों से जुड़े फैसलों और सरकार के कामकाज पर सार्वजनिक चर्चा का मंच तैयार हो सकता है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर बघेल की चुनौती सामने है, जबकि बहस के आयोजन और प्रारूप को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
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