CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और 30 जुलाई को भी इसका प्रभाव प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। प्रशासन का कहना है कि कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता कम हो सकती है, लेकिन मौसम पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लगेगा।

कई जिलों में बाढ़ और जलभराव का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए प्रदेश के कई जिलों में अचानक बाढ़ और जलभराव की आशंका जताई है। बालोद, बलौदाबाजार, बस्तर, बीजापुर, धमतरी, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, कांकेर, कोंडागांव, महासमुंद, रायपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव सहित कई जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलमग्न सड़कों से दूर रहने की अपील की है ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

30 जुलाई के बाद बारिश की रफ्तार हो सकती है कम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश पर प्रभाव डाल रही सक्रिय मौसम प्रणाली धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकती है। इसके चलते 30 जुलाई के बाद अधिकांश जिलों में बारिश की तीव्रता कुछ कम रहने का अनुमान है। हालांकि, कुछ स्थानों पर तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को नियमित रूप से मौसम अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी
बारिश के साथ कई क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी व्यक्त की गई है। मौसम विभाग ने नागरिकों से खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है। गरज-चमक के दौरान सुरक्षित भवनों में रहने और बिजली से जुड़े उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की सलाह भी दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी बरतकर बिजली गिरने से होने वाली घटनाओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।
गरियाबंद में पैरी नदी उफान पर, NH-130C बंद
लगातार हो रही बारिश के कारण गरियाबंद जिले में स्थिति गंभीर बनी हुई है। सिकासार और सोंढूर बांध से पानी छोड़े जाने के बाद पैरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। इसके चलते गरियाबंद-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130C के पंटोरा क्षेत्र में सड़क पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे रायपुर और ओडिशा के बीच सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया है, हालांकि कुछ लोग जोखिम उठाकर तेज बहाव के बीच सड़क पार करते भी दिखाई दिए।
सामान्य से अधिक हुई बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 29 जुलाई के बीच गरियाबंद जिले में सामान्य से लगभग 22 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। वहीं धमतरी जिले में भी सामान्य से करीब 10 प्रतिशत ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। लगातार हो रही वर्षा के कारण जलाशयों और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
धमतरी और सुकमा में भी बढ़ी मुश्किलें
धमतरी जिले में पिछले कई घंटों से लगातार बारिश जारी है। नदी-नाले उफान पर हैं और कई पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बह रहा है। सिहावा से बोरी होते हुए ओडिशा जाने वाला मार्ग एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है। वहीं सुकमा जिले में चिंतावागु और मलगेर नदियां भी उफान पर हैं। जगदलपुर मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात कुछ समय के लिए बाधित हुआ था, जिसे पुलिस और प्रशासन की टीम ने हटाकर मार्ग फिर से चालू करा दिया। कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं।
अगले पांच दिन तक सक्रिय रहेगा मानसून
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले पांच दिनों तक छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय रहेगा। 30 जुलाई को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। इसके बाद 31 जुलाई से 3 अगस्त के बीच अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज वर्षा जारी रह सकती है। विभाग ने लोगों से जलमग्न रास्तों से बचने, मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है, ताकि किसी भी संभावित आपदा से सुरक्षित रहा जा सके।
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