CG Weather Alert: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर अपनी सक्रियता की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में अगले चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। वर्तमान में राज्य के अधिकांश हिस्सों में नमी बनी हुई है, जिससे छिटपुट वर्षा हो रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश किसानों के लिए राहत भरी हो सकती है, लेकिन इसके साथ ही कुछ स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का खतरा भी बना हुआ है। अतः प्रदेशवासियों को आगामी 96 घंटों के दौरान मौसम के बदलते मिजाज के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है।

13 जुलाई से मौसम में आएगा बड़ा बदलाव
मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 13 जुलाई से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी आने के आसार हैं। मानसून का एक नया सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जिसके चलते 13 से 16 जुलाई के बीच प्रदेश के विभिन्न जिलों में झमाझम बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान राज्य के एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। अचानक होने वाली इस तेज बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए जा सकते हैं, ताकि निचले इलाकों में जलभराव जैसी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

औसत से 19 प्रतिशत कम वर्षा का आंकड़ा
पिछले 24 घंटों की बात करें तो छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, मानसून की संतोषजनक शुरुआत के बावजूद, पूरे राज्य में बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति थोड़ी चिंताजनक है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से 19 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। तापमान की स्थिति देखें तो रायपुर में अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत महसूस हो रही है।
मौसम विभाग की सुरक्षा संबंधी सलाह
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए नागरिकों से कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि गरज-चमक के समय पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के करीब खड़ा होना खतरनाक हो सकता है। इसके अलावा, खुले मैदानों में जाने से बचने और बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग न्यूनतम करने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए भी विशेष परामर्श जारी किया गया है, जिसमें उनसे अपनी कृषि उपज और खाद-बीज को सुरक्षित स्थानों पर रखने को कहा गया है, ताकि तेज बारिश से फसलों को होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
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