CG Weather Update: छत्तीसगढ़ के वासियों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप झेल रहे प्रदेश के लोगों को जल्द ही इस मौसम से निजात मिलने वाली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, केरल में समय से पहले दस्तक देने के बाद अब दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के अन्य हिस्सों में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई इलाकों को कवर करते हुए छत्तीसगढ़ की सीमा के बेहद करीब पहुंच चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि राज्य में मानसून के प्रवेश के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बन चुकी हैं और अगले 3 से 4 दिनों के भीतर प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश के साथ मानसून अपनी आधिकारिक दस्तक दे देगा। बीते 24 घंटों का हाल अगर छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों के दौरान दर्ज किए गए तापमान और मौसमी बदलावों की बात करें, तो राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो अलग रूप देखने को मिले हैं। उत्तर छत्तीसगढ़ के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान प्रदेश का राजनांदगांव जिला सबसे गर्म इलाका रहा, जहां अधिकतम पारा 43.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके विपरीत, राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में दर्ज किया गया, जहां रात और सुबह के समय पारा गिरकर 23.4 डिग्री सेल्सियस तक आ गया, जिससे वहां के लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। राजधानी रायपुर का हाल मौसम विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, आज यानी 11 जून को राजधानी रायपुर और उसके आस-पास के अधिकांश इलाकों में मौसम का मिजाज मिलाजुला रहने वाला है। आज दिनभर आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि, बादल छाने और हवा की गति धीमी होने के कारण वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ेगी, जिससे लोगों को भारी उमस (Humidity) का सामना करना पड़ सकता है। मानसून के ठीक पहले होने वाली यह उमस भरी गर्मी लोगों को थोड़ा परेशान जरूर करेगी, लेकिन यह आने वाली अच्छी बारिश का संकेत भी है। समझिए मौसमी सिस्टम का गणित मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय देश और छत्तीसगढ़ के ऊपर तीन बड़े मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जो मानसून को आगे खींचने में मदद कर रहे हैं: विशाल द्रोणिका (Trough Line): पंजाब से लेकर बिहार तक समुद्र तल पर स्थित एक मजबूत द्रोणिका इस समय पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड से गुजरती हुई गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल तक विस्तृत है। चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation): पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों में समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवाओं का एक चक्रवाती घेरा बना हुआ है। छोटा द्रोणिका सिस्टम: पूर्वी उत्तर प्रदेश में बने इसी चक्रवाती परिसंचरण से निकलकर एक अन्य द्रोणिका समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए सीधे विदर्भ तक जा रही है, जो राज्य में बारिश की अनुकूल परिस्थितियां बना रही है। IMD Weather Update: मौसम विभाग की चेतावनी, देश के 17 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश शुरू

















