CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले पांच दिनों के दौरान मानसून पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लेगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तरी छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण लगातार मजबूत हो रहा है, जिसके प्रभाव से राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम और कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी है।

22 से 27 जुलाई तक भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग ने 22 जुलाई से 27 जुलाई तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। 22, 23, 24 और 25 जुलाई को कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है। वहीं 26 और 27 जुलाई को भी कुछ जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना बनी रहेगी। राजधानी रायपुर में पूरे दिन बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

बीते 24 घंटों में कई जिलों में झमाझम बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। रायगढ़ जिले में सर्वाधिक 130 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि पेंड्रा में 120 मिमी बारिश हुई। पुसौर और तमनार में 100 मिमी, बरपाली में 90 मिमी तथा सारंगढ़, रामचंद्रपुर, मालखरौदा, अकलतरा, डभरा, बलौदा और अन्य क्षेत्रों में 70 मिमी तक बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सरसीवा, खरसिया, मस्तूरी, नवागढ़, लटोरी, छिंदगढ़ और अमलीपदर सहित कई इलाकों में 60 मिमी तक वर्षा रिकॉर्ड की गई।
चक्रवाती परिसंचरण से बढ़ा बारिश का असर
मौसम विभाग के अनुसार, समुद्र तल पर मानसून द्रोणिका अभी भी गंगानगर, रोहतक, हमीरपुर, सीधी, रांची और दीघा होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना एक और मजबूत चक्रवाती सिस्टम राज्य में लगातार नमी पहुंचा रहा है, जिससे आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी।
लोरमी में बारिश बनी आफत, पुल की सुरक्षा दीवार गिरी
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का सबसे अधिक असर मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र में देखने को मिला है। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है और कुछ घरों में बारिश का पानी घुस गया है। तेज बहाव के कारण मनियारी नदी पर बने पुल की सुरक्षा दीवार भी क्षतिग्रस्त होकर गिर गई। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुल के आसपास बैरिकेडिंग कर दी है और लोगों से अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
बिलासपुर में किसानों की बढ़ी चिंता
भारी बारिश ने बिलासपुर जिले के किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। हजारों किसानों के खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं और सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि में पानी भर गया है। धान की रोपाई के बाद खेतों में अत्यधिक जलभराव होने से फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसान लगातार हो रही बारिश से चिंतित हैं और प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
लोगों के लिए जारी की गई सावधानी
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, राहत दल तैयार
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने संभावित आपदा से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा, इसलिए प्रदेशवासियों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखने की आवश्यकता है।
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