Mahaveer Rice Mill: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच एक राइस मिल संचालक द्वारा सरकारी सड़क की खुदाई किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि मिल परिसर में भरे बारिश के पानी की निकासी के लिए बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़क को खोद दिया गया। घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और विभाग की शिकायत पर संबंधित संचालक के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस घटना के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

अकलतरा क्षेत्र में हुई घटना
यह पूरा मामला जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र का है। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसी दौरान अकलतरा स्थित महावीर राइस मिल परिसर में भी बड़ी मात्रा में पानी भर गया। बताया जा रहा है कि मिल परिसर से पानी बाहर निकालने के लिए संचालक ने सरकारी सड़क की खुदाई कर पानी की निकासी का रास्ता बना दिया।

बिना अनुमति सड़क खोदने का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सड़क की खुदाई से पहले न तो लोक निर्माण विभाग से अनुमति ली गई और न ही जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी गई। सरकारी सड़क को नुकसान पहुंचाने की वजह से सड़क की संरचना प्रभावित हुई और कुछ समय तक आवागमन भी बाधित रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक सड़क कट जाने से वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और यातायात प्रभावित हुआ।
PWD ने दर्ज कराई एफआईआर
घटना की जानकारी मिलने के बाद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। जांच में सड़क को नुकसान पहुंचाने की पुष्टि होने के बाद विभाग ने महावीर राइस मिल संचालक के खिलाफ अकलतरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना कानून का उल्लंघन है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग पर पड़ा असर
जिस सड़क की खुदाई की गई, वह लोक निर्माण विभाग के अधीन आने वाला अकलतरा-बलौदा मुख्य मार्ग है। इस मार्ग का उपयोग प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग और मालवाहक वाहन करते हैं। सड़क क्षतिग्रस्त होने से कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। बाद में प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित किया और सड़क की मरम्मत की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की।
बारिश से बढ़ी जलभराव की समस्या
क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई औद्योगिक इकाइयों और रिहायशी इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में पानी की निकासी के लिए प्रशासनिक एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम करना जरूरी है। बिना अनुमति सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे आम नागरिकों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
प्रशासन ने दी नियमों का पालन करने की सलाह
प्रशासन ने सभी उद्योग संचालकों और नागरिकों से अपील की है कि जलभराव या अन्य आपात स्थिति में किसी भी सरकारी सड़क, नाली या सार्वजनिक संपत्ति के साथ छेड़छाड़ न करें। यदि पानी निकासी या अन्य समस्या उत्पन्न होती है, तो संबंधित विभाग को सूचना देकर वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस और लोक निर्माण विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। यदि जांच में यह साबित होता है कि सड़क की खुदाई जानबूझकर और बिना अनुमति की गई थी, तो संबंधित संचालक के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।
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