Chandrashekhar Azad Warrant : उत्तर प्रदेश के नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गाजियाबाद की MP-MLA कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। यह मामला साहिबाबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज एक पुराने प्रकरण से जुड़ा बताया जा रहा है। कोर्ट ने वारंट जारी करने के साथ उनकी संपत्ति जब्त करने से संबंधित आदेश भी दिया है।
सुनवाई में अनुपस्थिति को लेकर कार्रवाई
मामले में शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि चंद्रशेखर आजाद लगातार अदालत की कार्यवाही में उपस्थित नहीं हो रहे थे। शिकायतकर्ता के पक्ष के अनुसार, उनके खिलाफ पहले भी गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा चुका था, लेकिन इसके बावजूद वह सुनवाई में पेश नहीं हुए। इसी आधार पर अदालत के समक्ष उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग रखी गई थी।
2018 के शादी समारोह से जुड़ा है मामला
यह पूरा प्रकरण वर्ष 2018 में साहिबाबाद क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह से जुड़ा हुआ है। आरोप के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद उस समय शादी समारोह में पहुंचे थे और उनके साथ मौजूद कुछ समर्थकों के पास कथित तौर पर हथियार थे। समारोह में मौजूद धर्मेंद्र कुमार ने कथित रूप से उनसे हथियार रखने को लेकर सवाल किया था।
सवाल पूछने के बाद मारपीट का आरोप
शिकायत के अनुसार, हथियारों को लेकर सवाल किए जाने के बाद विवाद बढ़ गया। धर्मेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि इसके बाद चंद्रशेखर आजाद और उनके करीब 15 समर्थकों ने उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौच और मारपीट की। शिकायत में जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया गया था। मामले को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी और बाद में यह प्रकरण अदालत तक पहुंचा।
IPC की धाराओं में दर्ज हुआ था केस
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। प्रकरण में धारा 323 समेत अन्य धाराओं का उल्लेख किया गया है। मामला पुराना होने के बावजूद अदालत में इसकी सुनवाई जारी रही और आरोपी की कथित गैरहाजिरी को लेकर शिकायतकर्ता की ओर से कार्रवाई की मांग की गई।
शिकायतकर्ता के वकील ने रखी गिरफ्तारी की मांग
धर्मेंद्र कुमार की ओर से अदालत में पेश वकील ने दलील दी कि आरोपी के खिलाफ पहले भी गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद वह लगातार सुनवाई से अनुपस्थित रहे। वकील ने अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी करने और संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया।
कोर्ट ने NBW और संपत्ति जब्ती का आदेश दिया
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गाजियाबाद की MP-MLA कोर्ट ने चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया। अदालत ने उनकी संपत्ति जब्त करने से संबंधित कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। यह आदेश न्यायिक कार्यवाही में उनकी कथित लगातार अनुपस्थिति के संदर्भ में आया है।
फरार आरोपी को लेकर कानूनी प्रावधान
मामले में CrPC की धारा 82 और 83 का भी उल्लेख किया गया है। धारा 82 के तहत अदालत फरार व्यक्ति की उद्घोषणा की प्रक्रिया शुरू कर सकती है, जबकि धारा 83 के तहत उसकी संपत्ति की कुर्की का प्रावधान है। हालांकि, इन प्रावधानों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया अदालत के आदेश और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ती है।
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