SCO Meeting : शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्रीय समन्वयकों की तीन दिवसीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचा। भारत की ओर से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वरिष्ठ अधिकारी आलोक डिमरी ने किया। बैठक बुधवार को संपन्न हुई। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल की इस यात्रा को क्षेत्रीय सहयोग के लिहाज से एक स्वागत योग्य कदम बताया है।
लंबे अंतराल के बाद भारतीय अधिकारी की पाकिस्तान यात्रा
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने गुरुवार को साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल की यात्रा पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लंबे अंतराल के बाद भारत का एक वरिष्ठ अधिकारी पाकिस्तान आया है। यह यात्रा ऐसे समय हुई है, जब दोनों देशों के संबंधों में कई मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है।
पाकिस्तान ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल की यात्रा का किया स्वागत
भारतीय अधिकारी की यात्रा के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने इसे स्वागत योग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान में मौजूदगी शांति, विकास, संपर्क, व्यापार और पारगमन से जुड़े क्षेत्रीय उद्देश्यों को दर्शाती है। उनके मुताबिक, इन क्षेत्रों में सहयोग को लेकर पूरे क्षेत्र के देशों के समान हित और उद्देश्य हैं।
लाहौर और अन्य शहरों की यात्रा का भी जिक्र
पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय अधिकारी ने पाकिस्तान के कुछ अन्य शहरों की यात्रा में भी रुचि दिखाई। इनमें लाहौर के अलावा सियालकोट और फैसलाबाद का नाम लिया गया। खान के अनुसार, भारतीय अधिकारी ने लाहौर को अगले एक वर्ष के लिए SCO की सांस्कृतिक राजधानी बनाए जाने का भी उल्लेख किया।
चार दिवसीय सैन्य टकराव के बाद पहली यात्रा
यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले वर्ष दोनों देशों के बीच चार दिनों तक सैन्य टकराव हुआ था। उसके बाद किसी भारतीय प्रतिनिधिमंडल की इस्लामाबाद यात्रा को दोनों देशों के बीच आधिकारिक संपर्क के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, यह यात्रा SCO की आधिकारिक बैठक में भाग लेने के उद्देश्य से हुई थी।
SCO में शामिल हैं दस सदस्य देश
शंघाई सहयोग संगठन एक क्षेत्रीय संगठन है, जिसमें भारत और पाकिस्तान के अलावा रूस, चीन, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस शामिल हैं। संगठन के मंच पर सदस्य देश क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, संपर्क, व्यापार, संस्कृति और अन्य साझा मुद्दों पर चर्चा करते हैं।
अक्टूबर 2024 में जयशंकर भी पहुंचे थे पाकिस्तान
इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर अक्टूबर 2024 में SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पाकिस्तान गए थे। वह लगभग नौ वर्षों के अंतराल के बाद पाकिस्तान जाने वाले पहले भारतीय विदेश मंत्री थे। भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्थान पर जयशंकर को SCO सम्मेलन में प्रतिनिधित्व के लिए भेजा था।
राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज की यात्राएं भी हुईं
जयशंकर से पहले दिसंबर 2015 में तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पाकिस्तान गई थीं। इसके बाद 2016 में तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस्लामाबाद में आयोजित सातवीं सार्क गृह/आंतरिक मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था। इस तरह SCO की बैठकों के माध्यम से दोनों देशों के अधिकारियों के बीच आधिकारिक संपर्क के उदाहरण पहले भी सामने आते रहे हैं।
क्षेत्रीय सहयोग पर पाकिस्तान का जोर
भारतीय प्रतिनिधिमंडल की मौजूदा यात्रा पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया में शांति, विकास, संपर्क, व्यापार और पारगमन जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी गई। विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने इन्हें क्षेत्रीय स्तर पर साझा उद्देश्यों से जोड़ते हुए भारतीय अधिकारी की मौजूदगी को सकारात्मक कदम बताया। यह यात्रा SCO के बहुपक्षीय मंच के तहत हुई है।
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