Gen-Z Protests Update: नेपाल की राजधानी काठमांडू समेत कई प्रमुख शहरों में सरकार विरोधी उग्र प्रदर्शनों का दौर लगातार दूसरे दिन भी जारी है। गुस्साए युवा प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के निजी आवास पर कब्जा कर लिया और उसमें आग लगा दी। बालकोट में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का घर भी प्रदर्शनकारियों ने जला दिया। हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ से देश भर में तनाव का माहौल है।

क्या है विरोध की वजह?
जुलाई 2024 में बनी गठबंधन सरकार, जिसमें नेपाली कांग्रेस और CPN-UML शामिल हैं, पर भ्रष्टाचार और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। सोशल मीडिया से शुरू हुआ #GenZProtest अब सड़कों पर व्यापक जन आंदोलन में बदल चुका है।

प्रदर्शनकारियों का तांडव
प्रदर्शनकारियों ने त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बंद करा दिया है। संसद की ओर बढ़ती भीड़ ने रास्ते में लगे बैरिकेड्स तोड़ दिए हैं। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और कई मंत्रियों के घरों पर हमला हुआ है। विदेश मंत्री डॉ. आरजू राणा देउबा, ऊर्जा मंत्री दीपक खड़का, संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग समेत कई नेताओं के घरों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई है।
मौतें और घायलों का आंकड़ा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेना को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
मंत्रियों के इस्तीफों की बाढ़
संकट के बीच सरकार में टूट की आहट सुनाई देने लगी है। अब तक गृहमंत्री रमेश लेखक, कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी, स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल, पेयजल मंत्री प्रदीप यादव सहित 10 से अधिक मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। डिप्टी पीएम प्रकाश मान सिंह और नेपाली कांग्रेस के सभी मंत्रियों ने भी सरकार छोड़ने की घोषणा कर दी है।
पीएम ओली की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री ओली ने मंगलवार शाम 6 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा, “मैं विरोध प्रदर्शनों और हिंसा से बेहद दुखी हूं। राष्ट्रहित में हिंसा नहीं, संवाद ही समाधान है।” सूचना मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग ने सोमवार को कहा था कि ओली इस्तीफा नहीं देंगे, लेकिन अब गठबंधन सरकार पर संकट गहराता दिख रहा है।
आगे क्या?
नेपाली कांग्रेस के महासचिव गगन थापा ने भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया है। गठबंधन सरकार के बिखरने की संभावना बढ़ गई है और देश राजनीतिक अनिश्चितता की ओर बढ़ रहा है।










