हाथ से छिटककर भागा Checkered Keelback सांप, खतरे में बदलता है चाल; डंसने पर क्या होगा

Checkered Keelback को भारत में आमतौर पर एक गैर-विषैला जलसांप माना जाता है। खतरा महसूस होने पर यह तेजी से भाग सकता है और रक्षात्मक व्यवहार दिखा सकता है। इसके काटने पर आमतौर पर विषैले सांप जैसी गंभीर विषाक्तता की आशंका नहीं होती, फिर भी किसी भी सांप के काटने पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।

Checkered Keelback : सांप का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है। हालांकि, दुनिया में मौजूद हर सांप जहरीला नहीं होता। कुछ सांप ऐसे भी हैं, जो अपने खास व्यवहार और आक्रामक अंदाज के कारण लोगों को हैरान कर देते हैं। ऐसा ही एक सांप चेकर्ड कीलबैक है, जो मुख्य रूप से पानी और नमी वाले इलाकों में पाया जाता है। यह सांप जहरीला नहीं होता, लेकिन खतरा महसूस होने पर इसका व्यवहार काफी आक्रामक नजर आ सकता है।

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स्नेक एक्सपर्ट ने शेयर किया वीडियो

चेकर्ड कीलबैक सांप का एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है। जाने-माने स्नेक कैचर पंचाल जी स्नेक एक्सपर्ट ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस सांप को रेस्क्यू करने का वीडियो साझा किया। वीडियो में सांप को उनके हाथ से तेजी से छिटककर भागने की कोशिश करते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, सर्प मित्र ने सावधानी बरतते हुए उसे दोबारा पकड़ लिया।

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मेंढक का शिकार करते मिला चेकर्ड कीलबैक

स्नेक एक्सपर्ट के मुताबिक, यह चेकर्ड कीलबैक पानी के आसपास रहने वाला सांप है। रेस्क्यू के दौरान भी यह सांप कथित तौर पर मेंढक का शिकार करने की कोशिश में था। उसे देखते ही रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। सांप ने खुद को बचाने के लिए तेजी से भागने और छिटकने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार उसे सुरक्षित तरीके से काबू कर लिया गया।

शरीर पर बने खास चेकर्ड पैटर्न से पहचान

चेकर्ड कीलबैक की पहचान उसके शरीर पर बने खास पैटर्न से की जा सकती है। इसके शरीर पर पीले, भूरे और काले रंग के निशान दिखाई देते हैं, जो कई बार चेकर्ड डिजाइन जैसा रूप बनाते हैं। इसी विशेष बनावट के कारण इसे चेकर्ड कीलबैक नाम दिया गया है। हालांकि, अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में इनके शरीर का रंग और पैटर्न कुछ अलग दिखाई दे सकता है।

पानी और नमी वाले इलाकों में रहता है यह सांप

यह सांप आमतौर पर तालाब, झील, नहर, नदी और अन्य जल स्रोतों के आसपास देखा जाता है। पानी से इसका गहरा संबंध है और यह अपना काफी समय जलीय या नम वातावरण में बिताता है। इसके भोजन में मुख्य रूप से छोटी मछलियां, मेंढक और अन्य छोटे जलीय जीव शामिल होते हैं। पानी के आसपास रहने की वजह से ग्रामीण और वन क्षेत्रों में इसकी मौजूदगी अधिक देखने को मिल सकती है।

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कोबरा की तरह फन उठाकर डराता है

चेकर्ड कीलबैक का सबसे दिलचस्प व्यवहार खतरा महसूस होने पर सामने आता है। यह सांप अपने शरीर का अगला हिस्सा ऊपर उठाकर फन फैलाने जैसा अंदाज अपना सकता है। कई बार यह कोबरा की तरह फुफकारते हुए सामने वाले को डराने की कोशिश करता है। इसके इस व्यवहार को देखकर किसी को भी लग सकता है कि सामने कोई बेहद जहरीला सांप मौजूद है।

जहरीला नहीं, फिर भी सावधानी जरूरी

चेकर्ड कीलबैक को विषहीन सांप माना जाता है, इसलिए इसका हमला जहरीले सांपों की तरह जानलेवा विष के खतरे से जुड़ा नहीं होता। फिर भी किसी भी जंगली सांप के बेहद करीब जाना या उसे पकड़ने की कोशिश करना सुरक्षित नहीं है। खतरा महसूस होने पर यह तेजी से प्रतिक्रिया कर सकता है और काट भी सकता है। इसलिए ऐसे सांपों को देखकर दूरी बनाए रखना ही सबसे बेहतर विकल्प है।

पूंछ के सहारे बदलता है अपनी चाल

इस सांप की गतिविधियों में एक और खास बात इसकी तेज गति और दिशा बदलने की क्षमता है। खतरा सामने आने पर यह अचानक तेजी से भाग सकता है और अपनी चाल बदलकर बचने की कोशिश करता है। पानी और जमीन दोनों जगह इसकी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसी कारण रेस्क्यू करने वाले विशेषज्ञों को भी इसे संभालते समय विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।

चेकर्ड कीलबैक को लेकर क्यों बढ़ी दिलचस्पी?

चेकर्ड कीलबैक का वीडियो सामने आने के बाद लोगों के बीच इस सांप को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। इसका कोबरा जैसा रक्षात्मक व्यवहार और तेजी से भागने की कोशिश देखने वालों को हैरान कर देती है। हालांकि, विशेषज्ञों की मदद के बिना किसी भी सांप की पहचान करना सही नहीं है। सांप जहरीला है या नहीं, यह केवल देखकर तय करना जोखिम भरा हो सकता है।

विशेषज्ञों की सलाह, सांप से दूरी बनाए रखें

चेकर्ड कीलबैक प्रकृति के पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और मेंढक तथा छोटी मछलियों जैसे जीवों की संख्या नियंत्रित करने में भूमिका निभाता है। इसलिए इसे नुकसान पहुंचाने के बजाय सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करना जरूरी है। यदि घर या आबादी वाले इलाके में ऐसा सांप दिखाई दे, तो उसे पकड़ने की कोशिश करने के बजाय प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम की मदद लेनी चाहिए।

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Chandan Das

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