CG Rajya Sabha Candidate
CG Rajya Sabha Candidate: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की खाली हो रही सीट के लिए अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी हाईकमान ने देश के 6 राज्यों के लिए प्रत्याशियों की आधिकारिक सूची जारी की है, जिसमें छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा के नाम पर मुहर लगाई गई है। पिछले 30 वर्षों से राजनीति में सक्रिय और संगठन के प्रति समर्पित लक्ष्मी वर्मा को यह जिम्मेदारी सौंपकर भाजपा ने राज्य में महिला सशक्तिकरण और जमीनी कार्यकर्ताओं को एक बड़ा संदेश दिया है।
राज्यसभा उम्मीदवार के चयन को लेकर भाजपा के भीतर काफी समय से विचार-विमर्श का दौर चल रहा था। शुरुआती चरणों में सात दिग्गजों के नामों का एक पैनल तैयार किया गया था, जिसमें लक्ष्मी वर्मा के साथ नारायण चंदेल, सरोज पांडेय, भूपेंद्र सवन्नी, किरण बघेल, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी और निर्मल के नाम शामिल थे। गहन चिंतन और सांगठनिक फीडबैक के आधार पर इस सूची को छोटा कर तीन नामों का अंतिम पैनल बनाया गया, जिसमें लक्ष्मी वर्मा, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल और वरिष्ठ नेता डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी के नाम थे। अंततः केंद्रीय चुनाव समिति ने लक्ष्मी वर्मा की सक्रियता और अनुभव को देखते हुए उनके नाम को हरी झंडी दे दी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा इस बार राज्यसभा चुनाव में ‘मातृशक्ति’ यानी महिला प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देने के मूड में पहले से ही थी। पार्टी की रणनीति आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए महिला वोट बैंक और आधी आबादी के बीच अपनी पैठ और मजबूत करने की है। दैनिक भास्कर ने भी अपनी पूर्व की रिपोर्ट में इस बात का संकेत दे दिया था कि इस बार किसी महिला चेहरे को उच्च सदन भेजा जा सकता है। लक्ष्मी वर्मा की संगठन में मजबूत पकड़ और महिला वर्ग के बीच उनकी लोकप्रियता ने उन्हें इस दौड़ में सबसे आगे बनाए रखा।
लक्ष्मी वर्मा का चयन उनके तीन दशक लंबे राजनीतिक सफर का प्रतिफल माना जा रहा है। वे न केवल संगठन में विभिन्न पदों पर सक्रिय रही हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी के झंडे को बुलंद रखा है। केंद्रीय नेतृत्व ने उनके नाम पर विचार करते समय उनकी बेदाग छवि और कार्यकर्ताओं के बीच उनके सीधे जुड़ाव को सबसे महत्वपूर्ण कारक माना। लक्ष्मी वर्मा का राज्यसभा जाना छत्तीसगढ़ भाजपा के उन कार्यकर्ताओं के लिए भी उत्साहजनक है जो लंबे समय से संगठन की सेवा कर रहे हैं।
इस रेस में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कद्दावर ओबीसी नेता नारायण चंदेल और डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी भी बेहद मजबूत दावेदार माने जा रहे थे। दोनों ही नेताओं का राजनीतिक कद और संगठनात्मक अनुभव काफी विशाल है। हालांकि, सामाजिक समीकरणों और जेंडर बैलेंस (लिंग संतुलन) को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने इस बार महिला चेहरे को मौका देना बेहतर समझा। रणनीतिक रूप से देखा जाए तो भाजपा ने एक तीर से कई निशाने साधे हैं, जिसमें क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण का मुद्दा भी शामिल है।
लक्ष्मी वर्मा के नाम की घोषणा के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा अपने पुराने ढर्रे को बदलकर नए और कर्मठ चेहरों को आगे लाने की दिशा में काम कर रही है। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की इस सीट के लिए पार्टी ने जिस तरह से जमीनी महिला नेता को चुना है, वह राज्य की राजनीति में आगामी दिनों में बड़े बदलावों का संकेत है। अब लक्ष्मी वर्मा का सदन जाना लगभग तय है, जिससे छत्तीसगढ़ की आवाज राज्यसभा में और अधिक मजबूती के साथ गूंजेगी।
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