Chhattisgarh Cabinet : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कई अहम नीतिगत प्रस्तावों और जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रदेश में सक्रिय मानसून, खरीफ फसलों की स्थिति और किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कृषि, उर्वरक आपूर्ति और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी गई। बैठक के बाद सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी, जिनका सीधा लाभ किसानों और अग्निवीर सैनिकों को मिलने की उम्मीद है।

उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बनी मंत्री-मंडलीय उप समिति
कैबिनेट ने खरीफ और रबी दोनों कृषि मौसमों में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक मंत्री-मंडलीय उप समिति के गठन को मंजूरी दी। इस समिति का मुख्य उद्देश्य राज्य में उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण और प्रबंधन की नियमित निगरानी करना तथा आवश्यक सुझाव और अनुशंसाएं सरकार को देना होगा। सरकार का मानना है कि समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित होने से किसानों को खेती के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

उप समिति में शामिल होंगे वरिष्ठ मंत्री
सरकार द्वारा गठित इस उप समिति की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री करेंगे, जिनके पास लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभागों की जिम्मेदारी है। समिति में कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री, सहकारिता मंत्री तथा वित्त मंत्री को सदस्य बनाया गया है। वहीं, कृषि उत्पादन आयुक्त इस समिति के संयोजक होंगे। आवश्यकता पड़ने पर समिति संबंधित विभागों के अधिकारियों, कृषि विशेषज्ञों और अन्य संस्थानों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर सकेगी ताकि उर्वरक आपूर्ति से जुड़े मुद्दों का प्रभावी समाधान निकाला जा सके।
किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने पर रहेगा विशेष फोकस
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि मानसून और खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। समिति नियमित समीक्षा के माध्यम से वितरण व्यवस्था की निगरानी करेगी और यदि कहीं कमी या बाधा आती है तो उसके समाधान के लिए तत्काल सुझाव देगी। इससे किसानों को खेती के महत्वपूर्ण समय में उर्वरकों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और कृषि उत्पादन बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।
अग्निवीर सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी
कैबिनेट बैठक का दूसरा बड़ा निर्णय अग्निवीर सैनिकों के पुनर्वास और रोजगार से जुड़ा रहा। मंत्रिपरिषद ने राज्य की तृतीय श्रेणी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। यह आरक्षण पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में प्रहरी के पदों पर लागू होगा। इस निर्णय के तहत “छत्तीसगढ़ के अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम-2026” लागू किया जाएगा।
चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को मिलेगा लाभ
सरकार के अनुसार, इस आरक्षण का लाभ केवल उन अग्निवीर सैनिकों को मिलेगा जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में निर्धारित चार वर्ष की सेवा सफलतापूर्वक पूरी की हो और वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्त हुए हों। इस निर्णय का उद्देश्य सैन्य सेवा के दौरान अर्जित अनुशासन, अनुभव और प्रशिक्षण का उपयोग राज्य की विभिन्न सुरक्षा सेवाओं में करना है। इससे अग्निवीरों के लिए सम्मानजनक रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
विधानसभा में की गई घोषणा का हुआ पालन
राज्य सरकार ने बताया कि यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुरूप लिया गया है। सरकार पहले ही अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए सकारात्मक नीति बनाने का आश्वासन दे चुकी थी। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
जनहित और रोजगार पर केंद्रित रहे कैबिनेट के फैसले
कैबिनेट बैठक में लिए गए दोनों प्रमुख निर्णयों को राज्य सरकार ने जनहित और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। एक ओर किसानों के लिए उर्वरकों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने की व्यवस्था मजबूत की गई है, वहीं दूसरी ओर अग्निवीर सैनिकों को सरकारी सेवाओं में बेहतर अवसर देने का मार्ग प्रशस्त किया गया है। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में प्रशिक्षित एवं अनुशासित युवाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।











