Koriya Murder Case : छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में हुए चर्चित ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बीजेपी के पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह और उनके दो अन्य साथियों की नृशंस हत्या के मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। गौरतलब है कि 16 जून की देर रात नौगईं गांव में आरोपियों ने लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर गाड़ी को हाईवा से रोककर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी, जिससे लल्ला सिंह जिंदा जल गए थे, जबकि उनके चचेरे भाई नागेंद्र सिंह और एक अन्य साथी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

तीन नए आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी
मंगलवार को गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों की पहचान मनीष त्रिपाठी, जितेंद्र त्रिपाठी और अनिल तिवारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये तीनों मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी के करीबी रिश्तेदार हैं। मामले की वैज्ञानिक जांच के दौरान पुलिस ने इन तीनों का मोबाइल लोकेशन घटना स्थल पर पाया, जिससे उनकी संलिप्तता पुख्ता हुई। जांच में यह भी सामने आया कि जितेंद्र त्रिपाठी ने घटना से ठीक पहले लल्ला सिंह और मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी से फोन पर लंबी बातचीत की थी। कोरिया एसपी रवि कुर्रे ने स्पष्ट किया है कि हत्याकांड में शामिल हर एक आरोपी को कानून के दायरे में लाया जाएगा और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

फरार आरोपियों की तलाश तेज
पुलिस ने बताया कि इस खौफनाक साजिश में शामिल अन्य संदिग्धों की भी पहचान कर ली गई है। वर्तमान में पुलिस सुशील त्रिपाठी और अंजनी त्रिपाठी की सरगर्मी से तलाश कर रही है। इनमें से सुशील त्रिपाठी की भूमिका को हत्याकांड में बेहद अहम और सक्रिय माना जा रहा है। ये दोनों आरोपी भी त्रिपाठी परिवार से ही संबंधित हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं ताकि जल्द से जल्द इन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा सके।
अवैध रेत वसूली: विवाद की मुख्य जड़
इस जघन्य हत्याकांड के पीछे रेत के अवैध खनन और वसूली का बड़ा रैकेट सामने आया है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि चिरमी रेत घाट का ठेका मयंक सिंह के नाम पर था, लेकिन इसके आड़ में सोनहत, कैलाशपुर और तेलीमुड़ा जैसे कई अन्य घाटों से भी अवैध रेत निकाली जा रही थी। विवाद का मुख्य कारण अवैध वसूली थी। मयंक सिंह और उसका परिवार प्रति हाईवा 1000 रुपये की वसूली कर रहा था, जिससे रोजाना 60 से 70 हजार रुपये की अवैध कमाई हो रही थी। मृतक लल्ला सिंह और त्रिपाठी परिवार के बीच रेत खदानों से होने वाली इसी अवैध उगाही को लेकर महीनों से तनाव चल रहा था।
समाज की एसआईटी जांच की मांग
इस तिहरे हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश पैदा कर दिया है। मंगलवार को क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सरगुजा आईजी से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी (SIT) गठन की मांग की है। समाज ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले में शामिल सभी अज्ञात दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार करने का आग्रह किया है। पुलिस का कहना है कि वे हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
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