Chhattisgarh NEET Row: नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव लगातार गहराता जा रहा है। हाल के घटनाक्रम के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकार वार्ता कर राज्य सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है और हालिया घटनाओं में सत्ता पक्ष की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।

दीपक बैज ने भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
पत्रकार वार्ता के बाद दीपक बैज अपने समर्थकों के साथ रायपुर के खम्हारडीह थाने पहुंचे। वहां उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री ओपी चौधरी, विधायक राजेश मूणत, विधायक पुरंदर मिश्रा और भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा सहित कई नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस का कहना है कि हालिया घटनाओं में इन नेताओं की भूमिका की जांच होनी चाहिए और यदि कोई कानून का उल्लंघन हुआ है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

कांग्रेस ने मंत्रियों की भूमिका पर उठाए सवाल
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यालय के बाहर हुई घटनाओं में राज्य सरकार के कुछ मंत्री भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि मंत्रियों की जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखना और संविधान के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करना है। बैज का आरोप है कि यदि किसी मंत्री ने राजनीतिक गतिविधियों में ऐसी भूमिका निभाई है जिससे लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर प्रश्न उठते हों, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित मंत्रियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
भूपेश बघेल ने भी सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान हमला किया और इस दौरान पार्टी कार्यालय तथा कार्यकर्ताओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। बघेल ने अपने बयान में कहा कि घटना के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। उनके अनुसार, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
एफआईआर को लेकर कांग्रेस ने जताई आपत्ति
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद दर्ज की गई एफआईआर में केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया गया, जबकि उनके अनुसार दूसरी ओर से भी हिंसा और अव्यवस्था हुई थी। पार्टी का कहना है कि पुलिस को दोनों पक्षों की शिकायतों पर समान रूप से कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच और कानून के समान अनुपालन की मांग दोहराई है। वहीं, इस मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी है।
राजनीतिक बयानबाजी से बढ़ा विवाद
भूपेश बघेल ने अपने बयान में भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी कार्रवाई पूर्व नियोजित थी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया। साथ ही उन्होंने भविष्य में राजनीतिक परिस्थितियों के बदलने का भी उल्लेख किया। दूसरी ओर, भाजपा की ओर से भी कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और विवाद लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
जांच और कानूनी प्रक्रिया पर रहेगी नजर
नीट पेपर लीक से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच छत्तीसगढ़ में सामने आए इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को और गर्मा दिया है। कांग्रेस जहां भाजपा नेताओं और मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है, वहीं पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत मामले की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति, दर्ज शिकायतों और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी। साथ ही इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने की संभावना भी बनी हुई है।
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