Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शुक्रवार को कर्नाटक दौरे के लिए रवाना हुए। रायपुर से प्रस्थान करने से पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत की और प्रदेश तथा देश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय रखी। मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (UCC), पेपर लीक मामलों, कांग्रेस के अनिश्चितकालीन धरने और राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने संकेत दिया कि छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में सरकार गंभीरता से आगे बढ़ रही है।

कर्नाटक में स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे सीएम साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि उनके कर्नाटक दौरे का मुख्य उद्देश्य सत्य साईं ग्राम में आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होना है। इस दौरान वे विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और प्रबुद्ध लोगों से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम राज्यों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और विकासात्मक अनुभवों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करते हैं। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में किए जा रहे अच्छे कार्यों और योजनाओं को समझने में मदद मिलती है, जिसका लाभ भविष्य में प्रदेश के विकास के लिए लिया जा सकता है।

UCC को लेकर सीएम साय ने दिए अहम संकेत
समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस विषय पर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि प्रदेश में जल्द ही यूसीसी लागू किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके लिए आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जा रहा है। सरकार सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद इस दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता को लेकर राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी के साथ कदम उठा रही है।
पेपर लीक मामलों पर सरकार का सख्त रुख
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान सामने आ रहे पेपर लीक मामलों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चिंता जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी होती हैं और ऐसी गड़बड़ियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही हैं। दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और युवाओं का विश्वास बना रहे।
कांग्रेस के अनिश्चितकालीन धरने पर सीएम का हमला
रायपुर में कांग्रेस द्वारा किए जा रहे अनिश्चितकालीन धरने को लेकर मुख्यमंत्री साय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों को अपनी बात रखने का अधिकार है। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है और सरकार इसका सम्मान करती है। लेकिन किसी भी व्यक्ति या संगठन को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पत्थरबाजी जैसी घटनाएं की गईं। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति कानून व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास करेगा, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कानून व्यवस्था को लेकर सरकार की नीति साफ
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और सार्वजनिक व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। किसी भी तरह की हिंसा, उपद्रव या कानून तोड़ने वाली गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहा है। सरकार का उद्देश्य सभी नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में सीएम के बयान के मायने
मुख्यमंत्री के इन बयानों को छत्तीसगढ़ की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर जहां सरकार UCC जैसे बड़े मुद्दे पर आगे बढ़ने के संकेत दे रही है, वहीं दूसरी ओर पेपर लीक और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर विपक्ष के आरोपों का जवाब दे रही है। मुख्यमंत्री साय ने अपने बयान से स्पष्ट कर दिया है कि सरकार विकास, पारदर्शिता और कानून व्यवस्था को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रख रही है।
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