CG Smart Meter Pakhwada
CG Smart Meter Pakhwada: छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग, गलत बिलिंग या बिजली दफ्तर के चक्कर काटने की परेशानी से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा। स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने प्रदेश में ‘स्मार्ट मीटर’ तकनीक को तेजी से लागू करने का फैसला किया है। इस नई व्यवस्था के तहत, उपभोक्ता अपने मोबाइल फोन पर एक विशेष एप के जरिए रियल-टाइम बिजली की खपत देख सकेंगे। यह व्यवस्था बिल्कुल मोबाइल रिचार्ज की तरह काम करेगी, जहां आप अपनी जरूरत के अनुसार बैलेंस डलवा सकेंगे और बिजली का उपयोग कर सकेंगे। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को अपनी बचत का प्रबंधन करने में भी आसानी होगी।
बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं को इस नई तकनीक के प्रति जागरूक करने के लिए 9 फरवरी से 23 फरवरी तक ‘स्मार्ट मीटर पखवाड़ा’ मनाने का निर्णय लिया है। भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के निर्देशानुसार, यह अभियान ‘रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम’ (RDSS) के तहत आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों, नगर पालिकाओं और ग्राम पंचायतों में इस पखवाड़े के दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों के मन में बसी भ्रांतियों को दूर करना और इसके तकनीकी लाभों से आम जनता को रूबरू कराना है।
पावर कंपनी के अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) उमेश कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि इस पखवाड़े को प्रभावी बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की गई है। शहर और गांवों के भीड़भाड़ वाले इलाकों में ‘हेल्प डेस्क’ स्थापित किए जाएंगे, जहाँ विशेषज्ञ उपभोक्ताओं के सवालों के जवाब देंगे। जागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक, पोस्टर और लघु वीडियो का सहारा लिया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन उपभोक्ताओं के घरों में मीटर लगाए जा रहे हैं, उन्हें मौके पर ही ‘लाइव डेमो’ देकर एप का इस्तेमाल करना सिखाया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को लो-बैलेंस और असामान्य बिजली खपत की सूचना तत्काल उनके मोबाइल पर मिल जाएगी।
स्मार्ट मीटर तकनीक केवल उपभोक्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि बिजली विभाग के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित होने वाली है। इस सिस्टम से बिजली चोरी की घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगेगी, क्योंकि मीटर के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ होने पर तत्काल कंट्रोल रूम को सिग्नल मिल जाएगा। इससे बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। जब कंपनियों का घाटा कम होगा, तो उसका सीधा लाभ भविष्य में बिजली की दरों में स्थिरता और बेहतर बुनियादी ढांचे के रूप में आम उपभोक्ताओं को ही मिलेगा। यह कदम छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
अभियान के दौरान केवल शहरों पर ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पंचायत स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जहाँ बिजली विभाग के अधिकारी सीधे ग्रामीणों से संवाद करेंगे। उन्हें बताया जाएगा कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर से वे कैसे अपनी बिजली की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं और अनावश्यक खर्चों से बच सकते हैं। स्टेट पावर कंपनी का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर उपभोक्ता डिजिटल रूप से सशक्त हो और बिजली सेवाओं का लाभ बिना किसी बाधा के उठा सके। इस पखवाड़े के माध्यम से कंपनी राज्य में शत-प्रतिशत स्मार्ट मीटरिंग के लक्ष्य की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रही है।
Ajay Rai Health : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम…
Timothy Initiative Network : छत्तीसगढ़ में कथित अवैध धर्मांतरण, विदेशी फंडिंग और 'चर्च-प्लांटिंग' के बड़े…
Maharashtra Politics : महाराष्ट्र की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर पुणे के…
West Bengal Election 2026 : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों की घड़ी जैसे-जैसे करीब…
Texas Plane Crash : अमेरिका के टेक्सास प्रांत से एक अत्यंत हृदय विदारक घटना सामने…
West Bengal Re-polling : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ…
This website uses cookies.