Bhupesh Baghel allegation: देशभर में कथित वोट चोरी को लेकर उठे राजनीतिक तूफान के बीच अब छत्तीसगढ़ में भी यह मुद्दा गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को दावा किया कि राज्य के कुरुद विधानसभा क्षेत्र में 250 से अधिक ऐसे मतदाता हैं जिनके नाम दो स्थानों—कुरुद और अभनपुर (रायपुर)—की वोटर लिस्ट में दर्ज हैं। बघेल ने दिया फर्जी वोटर का उदाहरण भूपेश बघेल ने बताया कि कुरुद के एक युवक ने उन्हें आधिकारिक मतदाता सूची की प्रति दिखाई, जिसमें यह गड़बड़ी सामने आई। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए कहा, “जब ग्रामीण क्षेत्र में इतनी गड़बड़ी है, तो शहरों की स्थिति क्या होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व के चुनावों में बिलासपुर में एक ही घर में 150 और भिलाई के एक क्वार्टर में 86 वोटर पाए गए थे। अजय चन्द्राकर ने दिया जवाब, की पुनर्निरीक्षण की मांग भूपेश बघेल के आरोपों पर कुरुद विधायक अजय चन्द्राकर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अगर कुरुद में गड़बड़ी है तो पूरे छत्तीसगढ़ की मतदाता सूची का भी बिहार की तर्ज पर पुनर्निरीक्षण किया जाना चाहिए।” उन्होंने पूर्व सीएम पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह खुद निर्वाचन आयोग में वैधानिक प्रक्रिया का पालन करे और शपथपत्रों के माध्यम से अपनी आपत्तियाँ दर्ज कराए। केंद्रीय मंत्री पर भूपेश का निशाना बघेल ने केंद्रीय मंत्री तोखन साहू की प्रतिक्रिया पर चुटकी लेते हुए कहा, “वोट चोरी का सवाल निर्वाचन आयोग से पूछा गया है, तो फिर केंद्रीय राज्य मंत्री के पेट में दर्द क्यों हो रहा है?” उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों को दोहराते हुए कहा कि बीजेपी देशभर में इसी तरह की रणनीति अपना रही है। कांग्रेस संगठन की कमजोरी पर सवाल दूसरी ओर, अजय चन्द्राकर ने कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी बिहार जैसे राज्यों में BLO तक तैनात नहीं कर पा रही है, फिर भी बड़े-बड़े आरोप लगा रही है। “अगर कांग्रेस को कोई गड़बड़ी नजर आती है, तो उसे आधिकारिक चैनलों के जरिए आपत्ति दर्ज करानी चाहिए, मीडिया में सिर्फ बयानबाज़ी नहीं,” उन्होंने कहा। छत्तीसगढ़ में भी अब वोटर लिस्ट की शुद्धता को लेकर राजनीति तेज हो गई है। जहां कांग्रेस फर्जी वोटिंग का आरोप लगा रही है, वहीं बीजेपी इसे राजनीतिक स्टंट बता रही है और पुनर्निरीक्षण की मांग कर रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और गहराने की संभावना है। Read More : Modi Putin telephone talk : PM मोदी और पुतिन की टेलीफोन वार्ता, यूक्रेन युद्ध पर चर्चा, भारत आने का दिया न्योता
















