Chhattisgarh Monsoon : छत्तीसगढ़ में इस वर्ष मानसून की चाल कुछ सुस्त है, जिसे लेकर राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क और गंभीर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मानसून में हो रही देरी और इसके कारण किसानों को हो रही कठिनाइयों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस कठिन समय में प्रदेश के अन्नदाता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। कृषि विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें और उन्हें मौसम की बदलती स्थितियों के बारे में सचेत करते रहें। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य यह है कि किसी भी किसान को इस विषम परिस्थिति में अकेला न छोड़ना पड़े।

सुशासन को नई दिशा देने के लिए रायपुर में होगा ‘चिंतन शिविर’
प्रदेश में गुड गवर्नेंस यानी सुशासन को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य मंत्रिमंडल का दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ 4 और 5 जुलाई को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) रायपुर में आयोजित किया जाएगा। यह लगातार तीसरा वर्ष है जब सरकार इस तरह के शिविर का आयोजन कर रही है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य शासन की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करना और कामकाज में पारदर्शिता लाना है। मुख्यमंत्री का मानना है कि इस प्रकार के आयोजनों से प्रशासनिक कार्यों को अधिक मजबूती मिलती है और जनहितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को दूर करने में सहायता मिलती है।

विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से योजनाओं को मिलेगी नई गति
इस चिंतन शिविर में देश के प्रबुद्ध विद्वानों और विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन विशेषज्ञों के अनुभव और विचार सरकार के कामकाज के लिए दिशा-दर्शक की भूमिका निभाते हैं। चिंतन शिविर का उद्देश्य जन-केंद्रित योजनाओं को और अधिक गति प्रदान करना है। प्रशासनिक प्रणाली और उनसे होने वाले सामाजिक परिवर्तनों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। यह मंथन केवल कागजी नहीं, बल्कि धरातल पर बदलाव लाने वाला होगा, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता इसी तरह के नवाचारी प्रयासों से और अधिक दृढ़ होती है।
‘अल नीनो’ के प्रभाव से खेती को बचाने के लिए किसानों को सलाह
मौसम की बेरुखी का मुख्य कारण ‘अल नीनो’ का प्रभाव बताया जा रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को सलाह दी है कि वे वर्तमान मौसम और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर ही अपनी खेती की योजना तैयार करें। व्यवस्थित और वैज्ञानिक योजना बनाकर ही किसान नुकसान से बच सकते हैं और बेहतर उपज प्राप्त कर सकते हैं। सरकार लगातार प्रचार-प्रसार के माध्यम से किसानों को जागरूक कर रही है कि वे मौसम विभाग के पूर्वानुमानों को गंभीरता से लें और उसी के अनुरूप फसलों का चयन और बुवाई की तैयारी करें। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार किसानों की हर जरूरत को पूरा करने के लिए पूरी तरह तत्पर है।
Read More : Illegal Mining News : छत्तीसगढ़ में अवैध खनन पर सीएम साय का कड़ा रुख, चार जिलों में बड़ी कार्रवाई शुरू











