Chhattisgarh rain: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने 15 से 18 जुलाई तक उत्तर छत्तीसगढ़, विशेष रूप से सरगुजा और बिलासपुर संभाग के जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके चलते इन इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
दक्षिण-पूर्वी गंगीय पश्चिम बंगाल और उससे सटे बांग्लादेश पर बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण उत्तर छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। यह सिस्टम अब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और इससे जुड़ा ऊपरी हवा का चक्रवात करीब 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक सक्रिय है। इसके चलते अगले 24 घंटे में बारिश की तीव्रता और अधिक हो सकती है।
प्रतापपुर में 9 सेमी, वांड्रफनगर में 7 सेमी वर्षा दर्ज
सरगुजा संभाग के कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
प्रतापपुर: 9 सेमी
वांड्रफनगर: 7 सेमी
बलरामपुर और रामानुजगंज: 5-5 सेमी
ये आंकड़े बताते हैं कि सिस्टम का असर पूरी तरह सरगुजा क्षेत्र पर केंद्रित है।
राजनांदगांव सबसे ठंडा, दुर्ग सबसे गर्म
बारिश के चलते प्रदेश में तापमान में भी हल्की गिरावट देखी गई।
दुर्ग में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं, राजनांदगांव में सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस रहा।
बारिश के बढ़ते प्रभाव से तापमान में और गिरावट आ सकती है।
राजधानी रायपुर में भी बदलेगा मौसम
रायपुर में 15 जुलाई को बादल छाए रहने और एक-दो बार हल्की वर्षा की संभावना है। हालांकि राजधानी में अभी भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, लेकिन अन्य जिलों की स्थिति को देखते हुए मौसम में अचानक बदलाव संभव है।
अंधड़ और वज्रपात से अलर्ट रहने की सलाह
बिजली गिरने और जलभराव की आशंका
मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि राज्य के कुछ स्थानों पर तेज अंधड़, वज्रपात और अत्यधिक वर्षा हो सकती है।
निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की द्रोणिका रेखा इस समय बीकानेर से होते हुए दक्षिण-पूर्व गंगीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक विस्तारित है।
इसके चलते छत्तीसगढ़ में वर्षा गतिविधियों का सिलसिला अगले कुछ दिन तक जारी रहने की संभावना है।
प्रशासन और नागरिकों के लिए अलर्ट मोड
बचाव के उपाय करें, अपडेटेड रहें
भारी बारिश और वज्रपात की आशंका को देखते हुए:
निचले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें।
बिजली गिरने से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े न हों।
प्रशासनिक एजेंसियां राहत और बचाव के लिए तैयार रहें।
मौसम अपडेट लगातार जांचते रहें।
छत्तीसगढ़ के उत्तर हिस्से में मौसम का रुख अगले तीन दिन बेहद गंभीर रहने वाला है। सरगुजा और बिलासपुर संभाग के निवासियों को खासतौर पर सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि मौसम की मार जनजीवन को गहरा प्रभावित कर सकती है। प्रशासन और आम जनता को मिलकर स्थिति से निपटने की तैयारी करनी होगी।
Ambikapur Congress : छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो…
CSK vs MI Today : आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और सीजन…
Trump Iran Post : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी बेबाक शैली और कूटनीतिक संदेश देने…
Women's T20 World Cup 2026 : आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 की उलटी गिनती…
Ghana US Health Deal : पश्चिम अफ्रीकी देश घाना ने राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की…
Namaz in Public : इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सार्वजनिक स्थानों और खुले में नमाज अदा…
This website uses cookies.