Dry Weather Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिन मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि तेज बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि स्थानीय प्रभावों की वजह से उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में कहीं-कहीं पर हल्की से मध्यम बारिश की स्थितियां बन सकती हैं। वहीं, मध्य और दक्षिण जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।
आज के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और मध्यम बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवा भी चल सकती है। इसके अलावा सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर समेत 15 जिलों में भी बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। रविवार को रायपुर, दुर्ग और आसपास के जिलों में मौसम पूरी तरह सूखा रहा, जिससे गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान किया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों तक मौसम का यही रुख बना रहेगा। हालांकि कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन भीषण गर्मी और नमी का असर बना रहेगा।
मौसम विभाग ने बताया कि पूर्वी राजस्थान से लेकर उत्तर-पश्चिम बंगाल और ओडिशा तक एक साइक्लोन सर्कुलेशन सक्रिय है। इसका असर छत्तीसगढ़ के उत्तरी भागों पर दिखाई दे रहा है। इस सिस्टम की वजह से ही केवल सरगुजा संभाग में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। बाकी प्रदेश में कोई बड़ी वर्षा प्रणाली सक्रिय नहीं है। हालांकि वर्तमान में बारिश कम हो रही है, लेकिन जुलाई का पहला पखवाड़ा वर्षा के लिहाज से काफी अच्छा रहा। राज्य में अब तक 375.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 13 प्रतिशत अधिक है। बेमेतरा और सुकमा को छोड़कर सभी जिलों में औसत से ज्यादा बारिश हो चुकी है।
पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे अधिकतम तापमान 34.2°C दुर्ग में और न्यूनतम 22.2°C पेन्ड्रा रोड में दर्ज किया गया। वहीं खरोरा में 30 मिमी, सक्ती, सुकमा, तिल्दा में 20 मिमी और धरसींवा, बोड़ला में 10 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे साफ है कि कुछ जगहों पर मामूली वर्षा हो रही है, लेकिन इसका प्रभाव व्यापक नहीं है। 1 जून से अब तक राज्य में 375.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। इस अवधि में बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 541.3 मिमी बारिश हुई है, जबकि बेमेतरा में सबसे कम 177.4 मिमी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, ज्यादातर जिलों में मानसून का असर अब तक संतोषजनक रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून इस बार अपनी सामान्य तिथि 1 जून से 8 दिन पहले, यानी 24 मई को केरल पहुंचा था। इसके लौटने की सामान्य तिथि 15 अक्टूबर है। यदि इस बार मानसून अपने तय समय पर ही वापस लौटता है, तो यह कुल 145 दिन सक्रिय रहेगा। इस बीच कोई ब्रेक की स्थिति नहीं बनी, तो जल्दी आगमन का फायदा लंबे मानसून के रूप में मिल सकता है। फिलहाल छत्तीसगढ़ में मौसम की स्थिति मिलीजुली बनी हुई है। जहां कुछ जिलों में बिजली गिरने और तेज हवा की चेतावनी है, वहीं अधिकतर जिलों में शुष्क और उमस भरा मौसम बना रहेगा। हालांकि, वर्षा के कुल आंकड़े संतोषजनक हैं और अगर मानसून की अवधि लंबी रहती है, तो राज्य में फसलों और जल स्रोतों के लिए यह सकारात्मक संकेत है। मौसम विभाग की नजर अब संभावित बारिश की हलचलों पर टिकी है।
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