CG Weather Alert
CG Weather Alert: छत्तीसगढ़ में इस वक्त सूरज के तेवर बेहद तल्ख बने हुए हैं और प्रदेशवासियों को फिलहाल चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, आने वाले 48 घंटों में राज्य के अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की और अधिक बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है। प्रदेश के मध्य इलाकों में लू का प्रकोप बढ़ने वाला है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से 25 से 27 अप्रैल के बीच मध्य छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के लिए हीटवेव (Heatwave) यानी लू चलने की गंभीर चेतावनी जारी की है। आंकड़ों पर नजर डालें तो राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला बनकर उभरा है, जहां पारा 44.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है। इसके विपरीत, सरगुजा संभाग का अंबिकापुर जिला तुलनात्मक रूप से ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी रायपुर की स्थिति भी चिंताजनक है, जहां शुक्रवार को लू की स्थिति निर्मित हो सकती है और पारा 44 डिग्री के पार जा सकता है।
भीषण तपिश के बीच मौसम विभाग ने एक राहत भरी खबर भी साझा की है। अगले दो दिनों के पश्चात प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। संभावना जताई गई है कि कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का स्पष्ट कहना है कि इस हल्की बूंदाबांदी के बावजूद स्थानीय स्तर पर लू का असर कम नहीं होगा और गर्मी का प्रभाव निरंतर बना रहेगा।
मौसम वैज्ञानिकों ने इस अप्रत्याशित गर्मी के पीछे के तकनीकी कारणों का खुलासा किया है। उनके अनुसार, विदर्भ से लेकर दक्षिण भारत तक एक ‘ट्रफ लाइन’ बनी हुई है। साथ ही, बंगाल और ओडिशा के समुद्री क्षेत्रों में ऊपरी हवा का एक चक्रवाती प्रभाव सक्रिय है। इन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण क्षेत्र में लगातार गर्म और शुष्क हवाएं प्रवेश कर रही हैं। नमी की कमी और शुष्कता की वजह से ही तापमान में तेजी से उछाल आ रहा है और वातावरण पूरी तरह से गर्म हो गया है।
भीषण गर्मी और लू के खतरों को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। विशेष रूप से छात्रों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए बिलासपुर में व्यापम (Vyapam) द्वारा आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के समय में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। अब दोपहर की तपिश से बचने के लिए परीक्षाएं सुबह 10 बजे से आयोजित की जाएंगी, जो पहले दोपहर 12 बजे से निर्धारित थीं।
संशोधित परीक्षा कार्यक्रम:
26 अप्रैल: मंडी बोर्ड उप निरीक्षक परीक्षा।
14 मई: एसएससी नर्सिंग और पीईटी (PET)।
21 मई: पीपीएचटी (PPHT) की परीक्षा।
यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि परीक्षार्थी भीषण दोपहर की लू की चपेट में आने से बच सकें और सुरक्षित माहौल में अपनी परीक्षा संपन्न कर सकें। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील की है।
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