CG Weather Alert
CG Weather Alert: छत्तीसगढ़ में वर्तमान में मौसम का मिजाज मिला-जुला बना हुआ है। जहां एक ओर चिलचिलाती धूप ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में राहत के संकेत दिए हैं। आज 2 अप्रैल 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सामान्य रहा, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि हवाओं की दिशा में बदलाव और सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण जल्द ही बादलों का डेरा जम सकता है। राज्य के कुछ इलाकों में छिटपुट वर्षा दर्ज की गई है, जिससे तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, अगले 24 घंटों के भीतर प्रदेश के अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। हालांकि, यह गर्मी अधिक समय तक नहीं टिकेगी। इसके ठीक बाद आगामी तीन दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। तापमान में यह गिरावट पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय चक्रीय परिसंचरण के प्रभाव से होगी, जिससे राज्य के नागरिकों को झुलसाने वाली गर्मी से अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।
पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो राजनांदगांव जिला प्रदेश में सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.0°C रिकॉर्ड किया गया। इसके विपरीत, सरगुजा संभाग के अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 18.5°C दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में अभी वर्षा के आंकड़े नगण्य हैं, लेकिन बादलों की आवाजाही ने वातावरण में हल्की नमी घोल दी है। मैदानी इलाकों में दोपहर के समय लू जैसी स्थिति बन रही है, जबकि रातें तुलनात्मक रूप से आरामदायक बनी हुई हैं।
प्रदेश के मौसम में आ रहे इस बदलाव के पीछे ‘सिनोप्टिक सिस्टम’ का बड़ा हाथ है। वर्तमान में दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय है। इसके साथ ही, पूर्वी बिहार से लेकर झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश होते हुए उत्तरी मध्य महाराष्ट्र तक 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक द्रोणिका (Trough Line) फैली हुई है। इन प्रणालियों के संगम से छत्तीसगढ़ के वातावरण में अस्थिरता पैदा हो रही है, जिससे वर्षा की स्थिति बन रही है।
कल के लिए मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की वर्षा हो सकती है। राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। हालांकि भारी बारिश की संभावना फिलहाल नहीं है, लेकिन बादलों की मौजूदगी से धूप की तपिश कम महसूस होगी। विशेषकर बस्तर और सरगुजा संभाग के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
मौसम विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से एक विशेष चेतावनी (Warning) जारी की है। विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात (Lightening) होने की आशंका है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूल भरी हवाएं या अंधड़ चल सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों को भी अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की हिदायत दी गई है।
राजधानी रायपुर के लिए विशेष पूर्वानुमान जारी करते हुए मौसम विभाग ने बताया है कि 2 अप्रैल को यहां आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 40°C और न्यूनतम तापमान 24°C के आसपास रह सकता है। रायपुर में फिलहाल उमस भरी गर्मी का अहसास होगा, लेकिन शाम के समय चलने वाली हवाएं थोड़ी राहत प्रदान करेंगी। आने वाले तीन दिनों में रायपुर के आसमान में भी बादलों की आवाजाही बढ़ने के आसार हैं।
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