@Thetarget365 : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज धमतरी में आयोजित समीक्षा बैठक में ‘उन्नत छत्तीसगढ़’ का मंत्र दिया. उन्होंने कहा कि उन्नत छत्तीसगढ़ के लिए तैयार किया गया विजन डॉक्यूमेंट एक रोडमैप की तरह है, जिसमें लक्ष्य और दिशा-निर्देश स्पष्ट हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अधिकारीगण पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री श्री साय आज रायपुर और धमतरी जिले में परियोजना क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।
सुशासन तीज के समापन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान का यह सिलसिला रुकना नहीं चाहिए। लोगों से संवाद और उनकी समस्याओं का समाधान जारी रहना चाहिए। अधिकारियों को कड़ी मेहनत और नवीन तरीकों से लोगों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। आम आदमी के लिए विलंबित न्याय, न्याय से इनकार के समान है। उन्होंने कहा कि राजस्व त्रुटि सुधार जैसे मामलों में अधिकारी-कर्मचारी तो गलती करते ही हैं, लेकिन नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ता है और उन्हें ही परेशानी उठानी पड़ती है।
मुख्यमंत्री ने डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने और राजस्व विभाग में समय प्रबंधन पर जोर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में तहसीलदार सक्रिय हैं, वहां लंबित राजस्व मामले कम हैं। उन्होंने अधिकारियों को जनता के साथ अच्छा व्यवहार करने तथा न्यूनतम समय में गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य पूरा करने के भी निर्देश दिए।
प्रमुख योजनाओं पर ध्यान दें
मुख्यमंत्री ने केन्द्र व राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री आवास और जल जीवन मिशन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा सर्वश्रेष्ठ राज्य चुना गया है। साथ ही उन्होंने नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देशानुसार धमतरी और रायपुर में पर्यटन स्थलों के विकास की संभावनाएं तलाशने को कहा।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर जोर
मुख्यमंत्री ने जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने दंतेवाड़ा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के डीईओ के अच्छे प्रदर्शन के कारण कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम उत्कृष्ट रहे, जिसकी प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रशंसा की। उन्होंने कृषि प्रधान धमतरी और रायपुर जिले में खरीफ फसल की तैयारी और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग में संसाधनों की सतत निगरानी और उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
परियोजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से विभागीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को साझा करने को कहा ताकि राज्य स्तर पर सहायता प्रदान की जा सके।उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों के काम की लगातार निगरानी की जा रही है और उनके पास प्रत्येक जिले का रिपोर्ट कार्ड है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान अधिकारियों ने बड़ी संख्या में प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध तरीके से निपटारा किया, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि अच्छे काम के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा, लेकिन काम नहीं करने पर उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक अजय चंद्राकर, विधायक ओमकार साहू, महापौर रामू रोहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद, अपर मुख्य सचिव रेणु जी पिल्लई, मुख्यमंत्री के उप सचिव राजब कुमार, मुख्यमंत्री के उप सचिव राजीव कुमार आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर रायपुर एवं धमतरी जिले के अधिकारी उपस्थित थे।