Saurav Das Statement : देश की राजनीति में ‘मोदी जी कहीं नहीं जाएंगे’ का नारा अब नए विवाद की वजह बन गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की रैलियों में इन दिनों इस नारे का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक अहंकार करार दिया है। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता स्मृति ईरानी की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी सवाल उठाए हैं।सौरव दास का कहना है कि इस तरह के नारे सत्ता में हमेशा बने रहने की मानसिकता को दर्शाते हैं। उनके बयान के बाद बीजेपी के राजनीतिक अभियान और विपक्ष की प्रतिक्रियाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
सौरव दास ने बताया बीजेपी के अहंकार का प्रतीक
कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि ‘मोदी जी कहीं नहीं जाएंगे’ कहना किसी नेता की ओर से खुद को लेकर दिखाया गया सबसे बड़ा अहंकार है। उन्होंने दावा किया कि लोग इस तरह की राजनीतिक भाषा को पसंद नहीं करते।दास ने आगे कहा कि यह नारा गहरी हताशा, भारी डर और हमेशा सत्ता में बने रहने की खतरनाक लालसा को उजागर करता है। उन्होंने बीजेपी की इस राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए इसे सत्ता को लेकर एक अलग तरह की सोच बताया। हालांकि, यह उनकी व्यक्तिगत राजनीतिक प्रतिक्रिया है।

स्मृति ईरानी की तस्वीर से शुरू हुई चर्चा
दरअसल, बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने रविवार, 1 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर साझा की थी। इस फोटो में वह बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के साथ नजर आ रही हैं।तस्वीर में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के हाथ में एक पोस्टर दिखाई दे रहा है। इस पोस्टर पर ‘मोदी जी कहीं नहीं जाएंगे’ लिखा हुआ था। स्मृति ईरानी की इसी पोस्ट को लेकर सौरव दास ने अपनी प्रतिक्रिया दी और बीजेपी के नारे पर निशाना साधा। इसके बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई।

खरगे के बयान के बाद बीजेपी ने शुरू किया नारा अभियान
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बिहार दौरे से जुड़ी है। पटना में एक रैली के दौरान खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, ‘मोदी का बाप भी जाएगा।’खरगे के इस बयान के बाद कांग्रेस की ओर से सफाई दी गई थी। वहीं, बीजेपी ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाते हुए पलटवार शुरू कर दिया। इसके बाद बीजेपी नेताओं की रैलियों में ‘मोदी कहीं नहीं जाएंगे’ के पोस्टर दिखाई देने लगे। पार्टी के समर्थक भी इस नारे के साथ अपनी प्रतिक्रिया देते नजर आए।
CJP ने बीजेपी के खिलाफ खोला मोर्चा
अब कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं ने भी इस नारे पर आपत्ति जताई है। सौरव दास की टिप्पणी को बीजेपी के राजनीतिक अभियान के खिलाफ सीजेपी के विरोध के रूप में देखा जा रहा है।गौरतलब है कि सीजेपी ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की रैली को शुरुआत में समर्थन देने की घोषणा की थी। हालांकि, पार्टी ने स्पष्ट किया था कि उसका शीर्ष नेतृत्व इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा, लेकिन गठबंधन की रैली को समर्थन जारी रहेगा।

नारेबाजी के बीच तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
‘मोदी कहीं नहीं जाएंगे’ का नारा अब बीजेपी और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी का नया मुद्दा बन गया है। एक तरफ बीजेपी इसे अपने राजनीतिक अभियान का हिस्सा बना रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल और सीजेपी जैसे संगठन इसकी आलोचना कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।


